भागलपुर : जिला सत्र न्यायाधीश रामश्रेष्ठ राय ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का 14 जुलाई को आयोजन होगा. इसके लिए तैयारी शुरू हो गयी है. उस दिन सात हजार केस का समझौता कराते हुए निबटारा करायेंगे. जिला स्तर पर स्थायी व निरंतर लोक अदालत भी चल रहा है. स्थायी लोक अदालत में बिजली कट से लेकर जमीन धोखाधड़ी जैसे मामलों पर वाद दायर कर सकते हैं. यहां के वाद एक तरह से रिट की तर्ज पर होते हैं, जिसके निर्देश के खिलाफ हाइकोर्ट में अपील हो सकेगी.
वे राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन को लेकर बुधवार को पत्रकार वार्ता कर रहे थे. उन्होंने कहा कि व्यवहार न्यायालय भागलपुर, अनुमंडल न्यायालय कहलगांव व नवगछिया में आयोजन से पहले बेंच का गठन होगा. लोक अदालत में श्रम विवाद, बैंक ऋण वसूली वाद, बिजली व पानी बिल व अन्य वादों में आपराधिक शमनीय, वैवाहिक व दीवानी का समझौता हो सकेगा.
इसके अलावा मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण मामले, वेतन, भत्ते व सेवानिवृत्ति लाभ से संबंधित वाद, किराया, सुखाधिकार आदि के वाद भी शामिल होंगे. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के अलावा स्थायी व निरंतर लोक अदालत भी चल रहा है. निरंतर लोक अदालत में वैसे वाद का निबटारा होता है, जिसके आपस में समझौते हो सकते हैं.
यह सिविल कोर्ट की डिग्री के समान होता है. यहां वाद करने में कोई शुल्क नहीं लगता है. एक सादे कागज में वाद दायर कर सकते हैं. वही स्थायी लोक अदालत में परिवहन से संबंधित वाद, टेलीफोन, डाक, टेलीग्राफ, बिजली बोर्ड से जुड़े बिजली कट, निगम के जुड़े काम गंदगी का उठाव, अस्पताल व चिकित्सक के चिकित्सीय दोष, शिक्षण संस्थानों से जुड़े रुपये लेकर फर्जीवाड़ा करने जैसे मामलों पर सुनवाई होती है.
