भागलपुर : वाहनों से अवैध वसूली में शामिल तीन दारोगा सहित आठ पुलिसकर्मियों को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया है. पीरपैंती और विक्रमशिला टीओपी पर वाहनों से अवैध वसूली की शिकायत रेंज डीआइजी विकास वैभव से की गयी थी. पीरपैंती मामले की जांच कहलगांव डीएसपी से और टीओपी पर वसूली मामले की जांच सिटी डीएसपी से करायी गयी. इसमें एसआइ से सिपाही तक को वसूली में संलिप्त पाया गया. उसके बाद एसएसपी ने कार्रवाई की. यह जानकारी एसएसपी मनोज कुमार ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी.
एसएसपी ने बताया कि पीरपैंती थाने में पदस्थापित एसआइ गजेंद्र सिंह, मिर्जाचौकी बैरियर पर तैनात एएसआइ सुरेश प्रसाद रजक और सिपाही 278 पवन कुमार के साथ विक्रमशिला पुल टीओपी के एएसआइ राजाराम, पीटीसी 119 कुंदन कुमार, पीटीसी 733 रंजीत कुमार, पीटीसी 775 ओम प्रकाश साह और सिपाही 1194 मो रज्जाक को एक साथ सस्पेंड कर दिया. पीरपैंती में वाहनों से अवैध वसूली की शिकायत 13 जून को डीआइजी को मिली थी. 14 जून को प्रभात खबर में वसूली की खबर प्रकाशित हुई थी.
डीआइजी को सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराया गया था
विक्रमशिला टोल टैक्स बैरियर के पास टीओपी पुलिस द्वारा वाहनों से अवैध वसूली के सूचक ने डीआइजी से न सिर्फ शिकायत की थी, बल्कि वसूली करते हुए सीसीटीवी फुटेज भी उन्हें उपलब्ध कराया गया था. उन्होंने फुटेज एसएसपी को फॉरवर्ड कर जांच कराने का निर्देश दिया था. जांच में दोषी पाये जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गयी. विक्रमशिला पुल के पास अवैध वसूली की सूचना देनेवाले सूचक को कॉल कर धमकी देने वाले सिपाही रूपेश कुमार को डीआइजी ने गुरुवार को ही सस्पेंड कर दिया था. रूपेश डीआइजी कार्यालय में ही स्टीक सिपाही के रूप में तैनात था. फिलहाल वह छुट्टी पर था.
वाहनों से अवैध वसूली की खबरें प्रभात खबर में प्रमुखता से छपती रही हैं, कार्रवाई भी हुई : पुलिस द्वारा वाहनों से अवैध वसूली की खबरें प्रभात खबर ने प्रमुखता से प्रकाशित की हैं. जब भी ऐसी सूचना मिली प्रभात खबर में न सिर्फ उस खबर को प्रमुखता दी गयी बल्कि खबर छपने के बाद उस पर बड़ी कार्रवाई भी हुई है.
