कोर्ट के आदेश के बावजूद पिता काे बेटी नहीं सौंप रहे

भागलपुर : बेंगलुरू से आये पिता नन्ही सी बेटी के लिए परेशान है. पत्नी को खोने के बाद सब कुछ बेटी ही है पर वह उसके पास नहीं. भागलपुर फैमिली कोर्ट ने बेंगलुरू के इंजीनियर रमेश कुमार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बच्ची को उनकी कस्टडी में देने का आदेश दिया पर रमेश के […]

भागलपुर : बेंगलुरू से आये पिता नन्ही सी बेटी के लिए परेशान है. पत्नी को खोने के बाद सब कुछ बेटी ही है पर वह उसके पास नहीं. भागलपुर फैमिली कोर्ट ने बेंगलुरू के इंजीनियर रमेश कुमार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बच्ची को उनकी कस्टडी में देने का आदेश दिया पर रमेश के ससुराल वाले ऐसा नहीं कर रहे. वे कोर्ट के आदेश की भी परवाह नहीं कर रहे.

रमेश कुमार पुलिस अधिकारियों से भी मुलाकात कर चुके हैं पर उनकी बेटी अभी भी उनसे दूर है. तिलकामांझी थाना में लिखित आवेदन देने आये रमेश ने कहा कि 2004 में उनकी शादी तिलकामांझी की रहने वाली मृदुला से हुई थी. मृदुला उस समय नोयडा में रहती थी और उनकी शादी हैदराबाद में हुई थी. तीन साल पहले बच्ची को जन्म देने के बाद मृदुला की माैत हो गयी. ज्यादा उम्र में शादी होने की वजह से संतान होने में दिक्कत हुई तो आइबीएफ तकनीक से बच्ची का जन्म हुआ. छोटी बच्ची को मृदुला के मायके वाले ले आये. रमेश की सास गीता देवी, ससुर प्रवेश चंद्र सिंह और उनका बेटा सुभाष बच्ची को इधर-उधर लेकर जा रहे ताकि रमेश को उसे सौंपना नहीं पड़े.

तीन घंटे के लिए होटल में मिली थी बेटी
रमेश कुमार का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर नौ जून को उन्हें तीन घंटे के लिए बेटी की कस्टडी मिली थी. उस दौरान ही वह बेटी को प्यार कर सके. उसके बाद गीता देवी उस बच्ची को फिर से लेकर चली गयी. रमेश ने बताया कि 12 जून को कोर्ट ने बच्ची की कस्टडी उन्हें सौंपने का आदेश दिया पर उसके बाद से गीता देवी और उसके परिवार वाले बच्ची को गायब करके रखा है. रमेश का कहना है कि वे लोग उनसे पैसे की मांग करते हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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