बिहपुर: डीआइजी ने कहा कि फरार आरोपितों, वारंटियों व वांछितों की गिरफतारी में तेजी लाने और थाना क्षेत्र में गश्ती व वाहन चेकिंग नियमित रूप से करने के निर्देश दिये. उन्होंने कहा कि शराब बिक्री और जुआ चलने की बात सामने आने पर थाने के पुलिस पदाधिकारी पर भी कार्रवाई होगी. डीआइजी ने थाने के कई अभिलेखों को भी देखा और जरूरी दिशा निर्देश दिये. कुछ अभिलेख वह अपने साथ ले गये.
जर्जर थाना भवन का किया निरीक्षण : थाना पहुंचने पर डीआइजी को पुलिस कर्मियों ने गार्ड आॅफ ऑनर दिया. इसके बाद उन्होंने अंग्रेजों के समय में ही बने जर्जर हो चुके थाना भवन का घूम-घूम कर निरीक्षण किया. साथ में मौजूद नवगछिया के एसडीपीओ मुकुल कुमार रंजन, बिहपुर के इंसपेक्टर अजय कुमार सिंह व थानाध्यक्ष रामविचार सिंह से इन भवनों के बारे में जानकारी ली. बिहपुर थाना की स्थापना अंगरेजों के शासनकाल में वर्ष 1935 में हुई थी.
थाना भवन ही नहीं कुछ पुलिस पदाधिकारियों को भी बदलने की जरूरत : बाद में पत्रकारों से बात करते हुए डीआइजी ने कहा कि थाना भवन ही नहीं बिहपुर में कुछ पुलिस पदाधिकारियों को भी बदलने की जरूरत है. इस मौके पर थाना में पुलिस पदाधिकारी एसआइ एसएन झा, एएसआइ कामेश्वर सिंह, सुभाष यादव, सुंदर कामत, धीरेंद्र कुमार, अर्जुन सिंह, रंजन गुप्ता, ओमप्रकाश ठाकुर आदि मौजूद थे.
