Yogi Bridge Kushinagar: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर जिले के खड्डा क्षेत्र में बड़ी गंडक (नारायणी) नदी पर 716 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनने वाले भैंसहा घाट स्थायी पुल की ऐतिहासिक सौगात दी है. इस महत्वपूर्ण पुल के निर्माण से उत्तर प्रदेश के रेता (दियारा) क्षेत्र के साथ-साथ पड़ोसी राज्य बिहार के सीमावर्ती जिलों, विशेषकर पश्चिम चंपारण के लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलने वाली है. इस पुल के तैयार हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश के रेता क्षेत्र और बिहार के सीमावर्ती इलाकों के बीच साल के बारह महीने सुगम सड़क संपर्क पूरी तरह स्थापित हो सकेगा. वर्तमान समय में बरसात के मौसम के दौरान पीपा पुल हटा दिए जाने और नदी का जलस्तर बढ़ जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था और लंबा चक्कर लगाकर आवागमन करना पड़ता था.
42 किलोमीटर का सफर घटकर मात्र 10 किमी रह जाएगा
लगभग साढ़े चार किलोमीटर लंबे इस महासेतु का सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष लाभ उत्तर प्रदेश के रेता क्षेत्र में रहने वाले करीब 50 हजार लोगों को मिलेगा. इसके साथ ही बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा, वाल्मीकिनगर और अन्य सीमावर्ती गांवों की एक लाख से भी अधिक की विशाल आबादी को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है. पुल के पूरी तरह बन जाने के बाद खड्डा और उसके आसपास के प्रमुख क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए तय की जाने वाली 42 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी घटकर महज 10 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे आम जनता के समय और परिवहन की लागत दोनों में भारी बचत होगी.
कृषि, व्यापार और पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने से बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच कृषि एवं विभिन्न व्यापारिक गतिविधियों को एक नई गति मिलेगी. पश्चिम चंपारण और कुशीनगर के स्थानीय किसान अपनी गन्ना, धान, हरी सब्जियां और अन्य कृषि उत्पादों को बहुत कम समय में बड़ी मंडियों तक आसानी से पहुंचा सकेंगे. इससे सीमावर्ती बाजारों में व्यापार का दायरा बढ़ेगा और माल ढुलाई की भारी लागत भी कम हो जाएगी. इसके अतिरिक्त, बाढ़ के संकट काल में गंभीर मरीजों को बेतिया, बगहा, कुशीनगर और गोरखपुर के बड़े अस्पतालों तक त्वरित समय में पहुंचाने में बड़ी आसानी होगी. इस बेहतर सड़क कनेक्टिविटी का सीधा लाभ पर्यटन क्षेत्र को भी मिलेगा. उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध सोहगीबरवा वन्यजीव अभयारण्य और बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के बीच पर्यटकों की आवाजाही बेहद सुगम हो जाएगी, जिससे तराई क्षेत्र में पर्यटन उद्योग और स्थानीय रोजगार के नए अवसरों को भरपूर बढ़ावा मिलने की प्रबल संभावना है. कुशीनगर के टेकुआटार में आयोजित एक विशाल जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इस बड़ी पुल परियोजना का उल्लेख करते हुए साफ कहा कि सीमावर्ती और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों के चहुंमुखी विकास के लिए उनकी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.
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