Bettiah News: नरकटियागंज. रेलवे स्टेशन परिसर में पावर हाउस के समीप मंगलवार को पानी की टंकी की सफाई के दौरान करीब 35 फीट की ऊंचाई से गिरकर एक मजदूर की मौत हो गयी. हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी मच गयी. साथी मजदूर घायल विक्रम मुखिया को आनन-फानन में रेलवे अस्पताल लेकर पहुंचे. वहां से परिजन उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल ले गये, जहां चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. गोविंद चंद्र शुक्ला ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया.
मृतक की पहचान शिकारपुर थाना क्षेत्र के धूमनगर गांव के वार्ड संख्या चार निवासी 52 वर्षीय विक्रम मुखिया के रूप में हुई है. हादसे के बाद मृतक के पुत्र ने ऊंचाई पर काम के दौरान सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया है.
Narkatiaganj News: पानी की टंकी साफ करते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार संकट मोचन प्राइवेट लिमिटेड एजेंसी की ओर से रेलवे की पानी की टंकी की सफाई करायी जा रही थी. मंगलवार को विक्रम मुखिया अन्य मजदूरों के साथ टंकी पर चढ़े थे.
इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह करीब 35 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गये. हादसे के बाद वहां मौजूद साथी मजदूरों ने उन्हें तत्काल रेलवे अस्पताल पहुंचाया. स्थिति गंभीर होने पर परिजन उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे.
अस्पताल में चिकित्सक ने मृत घोषित किया
रेलवे अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद परिजन विक्रम मुखिया को अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे. यहां चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. गोविंद चंद्र शुक्ला ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.
मजदूर की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गयी. हादसे के बाद घटनास्थल और अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुट गयी.
बेटे ने लगाया सेफ्टी बेल्ट नहीं देने का आरोप
मृतक के पुत्र रमेश मुखिया ने आरोप लगाया कि उनके पिता को ऊंचाई पर काम करने के दौरान सुरक्षा के लिए सेफ्टी बेल्ट उपलब्ध नहीं कराया गया था.
रमेश मुखिया के अनुसार, इतनी ऊंचाई पर टंकी की सफाई के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराये जाने चाहिए थे. सुरक्षा उपकरण नहीं मिलने के कारण हादसे की स्थिति में उनके पिता को बचाव का जरूरी सहारा नहीं मिल सका.
हालांकि, सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराये गये थे या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. यह जांच का विषय है.
हादसे के बाद एजेंसी कर्मियों के भागने की बात
घटना के बाद काम करा रहे एजेंसी के कर्मियों और संवेदक के मौके से भाग जाने की बात भी सामने आयी है. इसे लेकर भी परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है.
हादसे के बाद एजेंसी की ओर से मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था की गयी थी और घटना के समय कौन-कौन लोग मौके पर मौजूद थे, इसकी जानकारी सामने आना बाकी है.
35 फीट ऊंचाई पर काम में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
रेलवे स्टेशन परिसर में इतनी ऊंचाई पर पानी की टंकी की सफाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं. ऊंचाई पर काम करने वाले मजदूरों को सेफ्टी बेल्ट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराये गये थे या नहीं, इसकी जांच जरूरी है.
मजदूर की मौत के बाद अब एजेंसी की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो गये हैं. मामले में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे की परिस्थितियां क्या थीं और सुरक्षा व्यवस्था में कोई लापरवाही हुई थी या नहीं.
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