E Shiksha Kosh: पश्चिम चंपारण के 22,155 शिक्षक-शिक्षिकाओं के स्थानांतरण और सेवा रिकॉर्ड से जुड़ी प्रक्रिया में बाधा बन रही ई-शिक्षा कोष और एचआरएमएस (HRMS) पोर्टल की त्रुटियों को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) राजन कुमार ने सख्त रुख अपनाया है. सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को 24 घंटे के भीतर आवश्यक विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद जारी हुआ आदेश
डीईओ द्वारा जारी आदेश में माध्यमिक शिक्षा निदेशक के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का हवाला देते हुए कहा गया है कि पोर्टल पर मौजूद सभी त्रुटियों का तत्काल सत्यापन और सुधार कराया जाए.
सभी बीईओ को निर्देश दिया गया है कि निर्धारित प्रारूप में हार्ड और सॉफ्ट कॉपी के साथ रिपोर्ट उपलब्ध कराएं, ताकि 13 जुलाई तक सुधार संबंधी प्रतिवेदन भेजा जा सके.
डीईओ ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित बीईओ, प्रधानाध्यापक और संबंधित शिक्षक-शिक्षिका की होगी.
इन चार प्रमुख गड़बड़ियों को किया जाएगा ठीक
जिला शिक्षा कार्यालय ने चार अलग-अलग प्रारूपों में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है—
1. मृत, सेवानिवृत्त और इस्तीफा दे चुके शिक्षकों का रिकॉर्ड
ऐसे शिक्षक जिनकी मृत्यु हो चुकी है, सेवानिवृत्त हो चुके हैं या सेवा छोड़ चुके हैं, लेकिन उनका नाम अब भी ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज है.
इसके लिए मृत्यु प्रमाण पत्र और सेवा पुस्तिका के आवश्यक पृष्ठ संलग्न करने के निर्देश दिए गए हैं.
2. विशिष्ट शिक्षकों की गलत कैटेगरी
सक्षमता परीक्षा (1, 2, 3 और 4) उत्तीर्ण कर विशिष्ट शिक्षक बन चुके कई शिक्षकों का रिकॉर्ड अब भी प्राइमरी टीचर के रूप में दिख रहा है.
योगदान पत्र के आधार पर उनकी श्रेणी अपडेट करने को कहा गया है.
3. UDISE Code से जुड़ी त्रुटियां
कक्षा 1 से 12 तक संचालित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विभाजन के बाद भी कई शिक्षकों का डेटा पुराने UDISE Code पर दर्ज है.
ऐसे सभी मामलों में संशोधन कराने का निर्देश दिया गया है.
4. पीएम श्री विद्यालयों का डेटा अपडेट
पीएम श्री उच्च माध्यमिक विद्यालयों में संविलयित मध्य विद्यालयों के कई शिक्षकों का रिकॉर्ड अब भी पुराने मध्य विद्यालय के UDISE Code पर दर्ज है.
इन सभी प्रविष्टियों को अद्यतन करने के लिए संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है.
स्थानांतरण प्रक्रिया में मिलेगी तेजी
शिक्षा विभाग का मानना है कि पोर्टल की त्रुटियां दूर होने के बाद शिक्षकों के स्थानांतरण, सेवा अभिलेख और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आएगी.
गौरतलब है कि ई-शिक्षा कोष पोर्टल की विसंगतियों का मामला हाल के दिनों में लगातार चर्चा में रहा है. अब जिला शिक्षा कार्यालय ने समयबद्ध तरीके से सभी रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
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