250 रुपये से सीधे 3 हजार तक पहुंच सकता है सरकारी क्वार्टर का किराया, वाल्मीकिनगर के शिक्षक परेशान

जल संसाधन विभाग ने शिक्षकों के सरकारी आवास का किराया एचआरए के बराबर करने का निर्णय लिया है, जिससे शिक्षकों में भारी नाराजगी और असमंजस का माहौल है।

Valmikinagar Teachers Quarter Rent: वाल्मीकिनगर और आसपास के क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों के लिए जल संसाधन विभाग का नया फैसला चिंता का कारण बन गया है. विभाग ने अपने सरकारी आवासों में रह रहे शिक्षकों से अब हाउस रेंट अलाउंस (HRA) के बराबर किराया लेने का निर्णय लिया है. इस फैसले के बाद शिक्षकों में नाराजगी और असमंजस का माहौल है.

पहले 250 से 350 रुपये में मिल जाता था आवास

जानकारी के अनुसार, सीमावर्ती और दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों की सुविधा को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने वर्षों पहले अपने साधारण श्रेणी के सरकारी क्वार्टर 250 से 350 रुपये प्रतिमाह के किराये पर उपलब्ध कराए थे.

इस व्यवस्था से शिक्षकों को कम लागत में आवास मिलता था, जबकि विभाग को नियमित राजस्व भी प्राप्त होता था. हालांकि, कुछ मामलों में समय पर किराया जमा नहीं होने की शिकायतें भी सामने आई थीं.

अब HRA के बराबर देना होगा किराया

नए आदेश के अनुसार अब शिक्षकों को अपने HRA के बराबर, यानी करीब 2500 से 3000 रुपये प्रतिमाह तक किराया देना पड़ सकता है.

शिक्षकों का कहना है कि सीमित सुविधाओं वाले सामान्य सरकारी क्वार्टर के लिए इतना अधिक किराया देना व्यावहारिक नहीं है. उनका कहना है कि वे सीमावर्ती और कठिन क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं, इसलिए इस निर्णय पर मानवीय दृष्टिकोण से पुनर्विचार किया जाना चाहिए.

विभाग ने क्या कहा?

शीर्ष कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता मोहम्मद इक़बाल अनवर ने बताया कि यह निर्णय स्थानीय स्तर पर नहीं लिया गया है. उन्होंने कहा कि वरीय अधिकारियों के निर्देश के अनुसार आदेश लागू किया जा रहा है और शिक्षकों को HRA के बराबर किराया जमा करना होगा.

राहत की उम्मीद में शिक्षक

फैसले के बाद प्रभावित शिक्षकों की नजर अब सरकार और विभाग पर टिकी है. उनका कहना है कि यदि इस निर्णय में संशोधन नहीं किया गया, तो सीमावर्ती क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा. फिलहाल सभी को इस बात का इंतजार है कि सरकार उनकी मांगों पर कोई राहत देती है या नहीं.

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By Prabhat khabar news desk

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