वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में दो बाघों की हिंसक लड़ाई में एक की मौत, दूसरे की तलाश जारी, लोगों में दहशत

वाल्मिकी टाइगर रिजर्व में वन कर्मियों को एक मृत बाघ का शव मिला. प्राथमिक जांच के बाद अधिकारियों को आशंका है कि दो बाघों की हुई खूनी झड़प में एक बाघ की मौत हो गई.

बिहार के एकमात्र वाल्मिकी टाइगर रिजर्व के वन प्रमंडल 1 अंतर्गत मंगुराहों वन क्षेत्र में गश्त के दौरान वन कर्मियों को एक नर बाघ मृत मिला. बाघ की गर्दन और पीठ पर लड़ाई के निशान थे. जिसके बाद वन कर्मियों ने तुरंत इस मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी. सूचना मिलने पर वन संरक्षक-सह-क्षेत्र निदेशक डॉ. नेशामणि के., वन प्रमंडल पदाधिकारी-सह-उपनिदेशक प्रमंडल-1 प्रदुम्न गौरव और पशु चिकित्सा पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और मृत बाघ और घटनास्थल का निरीक्षण किया.

क्षेत्रीय विवाद में दो बाघों के बीच लड़ाई

राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के दिशा-निर्देशों के अनुसार 25 मार्च 2024 को सभी वन अधिकारियों, स्थानीय समिति के सदस्यों और वन कर्मियों की उपस्थिति में मृत बाघ का पोस्टमार्टम किया गया. प्रारंभिक तौर पर घटनास्थल की जांच और परीक्षण के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि नर बाघ की मृत्यु किसी अन्य नर बाघ के साथ क्षेत्रीय विवाद को लेकर हुई खूनी झड़प के कारण हुई है. दूसरे बाघ की भी तलाश की जा रही है.

वन विभाग की टीम कर रही जांच

वन कर्मियों का मानना है कि दूसरे बाघ को भी गंभीर चोटें आईं हैं. वहीं मृत बाघ की उम्र सात वर्ष बताई जा रही है. वन विभाग इस मामले की विस्तृत जांच कर रहा है. जंगल में दूसरे बाघ की सर्चिंग चल रही है. जांच रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी. बाघ की लड़ाई के दौरान हो रही गर्जन से आसपास के लोग दहशत में थे.

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में कितने बाघ?

वीटीआर वाल्मीकि वन्यजीव अभयारण्य 880 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में कुल 54 बाघ हैं. वर्ष 2018 में यहां बाघों की कुल संख्या 31 और 2014 में मात्र 28 थी.

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लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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