बेतिया फायर एक्सीडेंट: योगापट्टी प्रखंड क्षेत्र के खुटवनिया जरलपुर पंचायत के वार्ड संख्या 12 स्थित जरलपुर गांव में सोमवार की देर शाम खाना बनाने के दौरान चूल्हे से निकली चिंगारी ने देखते ही देखते भीषण आग का रूप ले लिया. तेज हवा के कारण आग तेजी से फैली और तीन घरों को अपनी चपेट में ले लिया. अगलगी में सुरेश पटेल, अवधेश पटेल और बदरी मुखिया के घर जलकर राख हो गये.
तेज हवा के कारण तेजी से फैली आग
ग्रामीणों के अनुसार, खाना बनाने के दौरान चूल्हे से निकली चिंगारी से आग लगी. तेज हवा चलने के कारण कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया. आग की लपटें देखकर आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गयी. पीड़ित परिवारों को घर से सामान निकालने तक का मौका नहीं मिल सका.
घटना में हरी पटेल के घर को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आयी है. ग्रामीणों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास शुरू किया.
अनाज, कपड़े और जरूरी कागजात जले
ग्रामीणों ने बाल्टी, पंप और अन्य उपलब्ध संसाधनों की मदद से काफी मशक्कत की. काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका. तब तक तीन घरों में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, फर्नीचर, जरूरी कागजात और अन्य घरेलू सामान जलकर नष्ट हो चुका था.
पीड़ित परिवारों का कहना है कि अगलगी में लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है. आग में घर और घरेलू सामान के साथ उनकी रोजमर्रा की जरूरत की कई वस्तुएं भी जल गयीं.
क्षति आकलन में देरी से अग्निपीड़ितों में आक्रोश
घटना की सूचना प्रशासन को देने के बावजूद मंगलवार तक क्षति का आकलन करने के लिए हल्का कर्मचारी के नहीं पहुंचने से अग्निपीड़ित परिवारों में नाराजगी रही. पीड़ितों ने प्रशासन से जल्द नुकसान का आकलन कराने और राहत उपलब्ध कराने की मांग की.
मुखिया पति महमद अबुलैश ने सीओ विक्रम सिंह से मामले की जांच कराकर पीड़ित परिवारों को मुआवजा और राहत देने की मांग की.
जांच रिपोर्ट के आधार पर मिलेगी सहायता
सीओ विक्रम सिंह ने बताया कि हल्का कर्मचारी को जांच के लिए भेजा जा रहा है. क्षति का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी. रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध करायी जाएगी.
अगलगी के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं और प्रशासन से जल्द राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं.
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