बेतिया. लोक अदालत में मुकदमों के निष्पादन में कोई खर्च नहीं लगता है. मुकदमों का निष्पादन दोनों पक्षों के बीच सुलह एवं समझौते के आधार पर किया जाता है. लोक अदालत के फैसले को किसी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती है. समझौते के आधार पर मुकदमों का निष्पादन होने से दोनों पक्षों के बीच आपसी भाईचारा एवं सौहार्द कायम रहता है. यह बातें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद नंदन सिंह ने नेशनल लोक अदालत के उद्घाटन के मौके पर पक्षकारों को संबोधित करते हुए कही. शनिवार को व्यवहार न्यायालय बेतिया के परिसर में नेशनल लोक अदालत का उद्घाटन जिला जज आनंद नंदन सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस मौके पर विभिन्न क्षेत्र में अच्छा काम करने वाली बच्चियों को सम्मानित भी किया गया. वही इस मौके पर प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि लोक अदालत में छोटे-छोटे मुकदमों का समझौते का आधार पर निष्पादन होने से न्यायालय के ऊपर मुकदमों के बोझ में कमी आती हैं. छोटे-छोटे विवादों का आपस में समझौते के आधार पर समाप्त कर लेने में ही दोनों पक्षों की भलाई है. वही इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अमरेंद्र राज ने बताया कि मुकदमों के निष्पादन के लिए 24 बेंच बनाए गए हैं. उन्होंने इस मौके पर विभिन्न विभाग के पदाधिकारी से मुकदमों के निष्पादन में सहयोग करने की अपील की. इस मौके पर ए डीजे उमेश मणि त्रिपाठी, राजेंद्र पांडे, जावेद आलम, विवेकानंद प्रसाद, और अशोक कुमार मांझी, सीजेएम भारती कुमारी, जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष विनोद मिश्रा समेत सभी न्यायिक पदाधिकारी, न्यायालय कर्मी एवं पक्षकार उपस्थित रहे.
बाक्स में 3572 वादों का हुआ निबटारा
बेतिया : जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अमरेंद्र कुमार राज ने बताया कि शनिवार को पश्चिमी चंपारण न्याय मंडल बेतिया और बगहा में आयोजित नेशनल लोक अदालत में कुल 3572 वादों का निबटारा किया गया. जिसमें बेतिया में आयोजित नेशनल लोक अदालत में कुल 3053 वादों का निबटारा किया गया. इसमें सर्वाधिक 172 9 मामले बैंक से संबंधित निपटाए गए. वही आपराधिक 1309 मामलों का निबटारा किया गया. बैंक द्वारा निष्पादित मामलों में 7.14 करोड़ रुपए समझौता राशि रुपए तय की गई. इसमें तत्काल 4 .85 करोड़ रुपए वसूल किए गए. रेलवे के 807 समरी ट्रायल मामले निबटाए गए. वहीं बगहा में बैंक से संबंधित 267 ऋण वादों का निबटारा किया गया. जिसमें समझौता राशि 1.23 करोड़ रुपए तय हुई. जबकि आपराधिक 252 मामले निष्पादित किए गए.
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