Bettiha : सुर संध्या में देर रात तक झूमते रहे शहरवासी, देवी के गीतों को सभी ने सराहा

सुर संध्या में देर रात तक शहरवासी जमे रहे. लोक गायिका देवी की गीतों पर शहरवासी झूमते रहे.

By DIGVIJAY SINGH | April 27, 2025 10:21 PM

Bettiha : बेतिया . प्रभात खबर की ओर से शनिवार की शाम आयोजित सुर संध्या में देर रात तक शहरवासी जमे रहे. लोक गायिका देवी की गीतों पर शहरवासी झूमते रहे. देवी ने भी एक से बढ़कर एक अपनी प्रस्तुतियों को देकर लोगों का मन मोह लिया. प्रसिद्ध लोकगायिका देवी ने अपनी ट्रेडिंग गीत का गायन शुरू किया. इस दौरान जैसे ही उन्होंने हम न रहब सईया, दिल्ली शहरिया में…… के बोल शुरू किये ऑडियेंस में गजब का उत्साह भर गया. पूरा ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा. देवी ने तालियों की गूंज पर दर्शकों का आभार प्रकट किया. उन्होंने कहा कि आप सभी इसी तरह कार्यक्रम में हौसला अफजाई करते रहें. ऑडिटोरियम में जुटी हजारों की भीड़ सुरमयी संध्या में बड़े ही संजीदकी से उनकी गजलों व गीतों के हर लाइन को सुनते रहे. कभी तालियां बजती को कभी पूरा ऑडियेंस पूरी तरह शांत होकर बोल सुनने लग जाते. श्रोताओं का भाव पूरी तरह उनके गजल व गीत के भाव से तारत्यमता बनाये हुये था. कार्यक्रम में हर उम्र के लोग शामिल हुये थे. पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की संख्या भी बहुत अधिक थी. वहीं उत्साही युवा भी अपने जोश को लगाम लगाकर संगीत में रमे हुये थे. देवी ने एक के बाद एक गीतों से ऐसा समां बांधा था कि लोग घड़ी की सूई की ओर देखना भूल गये थे. मानों वे समय को ठहर जाने के लिये कह रहे हों. गीत की शुरुआत उन्होंने अपने प्रसिद्ध संगीत परवल बेचे जाइब भागलपुर, ए राजा मत रह दूर….से की. इस बोल शुरू होते ही धमाल मच गया. उसके बाद उन्होंने जैसे ही अंगूरी में डसले बिया नगीनिया रे.. गाना शुरू किया दर्शकों ने खूब मजे लिया. उसके बाद किया. युवा श्रोताओं का मन उत्साह से भर गया. बीच-बीच में वह डॉयलॉग बोलकर माहौल को बदलती रहीं. फिर उन्होंने अपने पुराने अंदाज में अइले मोरे राजा, लेके ढ़ोल बाजा गीत गाई तो लोग झूम उठे. लहर लहर लहराये..गीत गाकर जहां उन्होंने माहौल को भक्तिमय बना दिया, वहीं छठ गीतों को गाकर उनके भक्ति की बयार बहा दी. –

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