Bettiah News: बेतिया. सावन की उमंग, तीज की परंपरा और आपसी प्रेम के रंगों से सराबोर अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला समिति की बेतिया शाखा की ओर से मंगलवार को सुप्रिया रोड स्थित एक निजी होटल के सभागार में तीज-सिंधारा उत्सव का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मारवाड़ी समाज की पारंपरिक संस्कृति, महिला शक्ति और सामाजिक एकजुटता की सुंदर झलक देखने को मिली.
तीज-सिंधारा उत्सव का गणेश वंदना के साथ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना, ओम के उच्चारण और प्रार्थना के साथ हुई. इसके बाद समिति की सदस्याओं ने एक-दूसरे का स्वागत करते हुए सिंधारा उत्सव की शुरुआत की. पूरे कार्यक्रम के दौरान सावन और तीज की पारंपरिक रंगत देखने को मिली.
गेम्स, डांस और हास्य नाटिका ने बांधा समां
उत्सव के दौरान मनोरंजक गेम्स, नृत्य और सिंधारा से जुड़ी हास्य नाटिका सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए गए. समिति की सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और कार्यक्रम के दौरान हंसी-ठिठोली का माहौल बना रहा. सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को और आकर्षक बना दिया.
सिंधारा है स्नेह और पारिवारिक जुड़ाव की परंपरा
मारवाड़ी समाज में सिंधारा सावन और तीज से जुड़ी महत्वपूर्ण पारंपरिक रस्म मानी जाती है. इसमें मायके से बेटियों और बहुओं को सावन के अवसर पर श्रृंगार सामग्री, मिठाइयां, वस्त्र और अन्य उपहार भेजने की परंपरा रही है.
सिंधारा केवल उपहार देने की रस्म नहीं, बल्कि बेटियों के प्रति स्नेह, पारिवारिक जुड़ाव और रिश्तों की मिठास को मजबूत करने का प्रतीक भी माना जाता है.
परंपरा से आधुनिक सामूहिक उत्सव तक पहुंचा सिंधारा
आयोजकों के अनुसार आधुनिक दौर में सिंधारा समारोह सामूहिक मिलन और सांस्कृतिक उत्सव का रूप ले चुका है. इसके माध्यम से महिलाएं एक-दूसरे से जुड़ने के साथ अपनी संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों को भी आगे बढ़ा रही हैं.
पौधों के आदान-प्रदान से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम में स्वादिष्ट नाश्ते और खान-पान की विशेष व्यवस्था भी रही. वहीं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सदस्याओं के बीच पौधों का आदान-प्रदान किया गया. आयोजन का यह हिस्सा विशेष आकर्षण का केंद्र रहा और महिलाओं ने पौधों के संरक्षण का संदेश दिया.
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