Bettiah News: रामनगर. श्रावण की अंतिम सोमवारी पर रामनगर का ऐतिहासिक श्री नीलकंठ नर्मदेश्वर महादेव राजशिव मंदिर आस्था, भक्ति और उत्साह के विशाल केंद्र में तब्दील हो गया. अहले सुबह से ही मंदिर की ओर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा और देर शाम तक हर-हर महादेव, बम-बम भोले के जयघोष से पूरा इलाका गूंजता रहा. करीब सवा लाख श्रद्धालुओं ने बाबा नर्मदेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि की कामना की.
सुबह से लगी श्रद्धालुओं की लंबी कतार, गेरुआ रंग में रंगा शहर
रविवार की शाम से ही कांवड़ियों के जत्थे रामनगर पहुंचने लगे थे. सबुनी माई स्थान पर 20 हजार से अधिक बोल-बम श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही. सोमवार की सुबह कांवड़िए वहां से पवित्र जल लेकर राजशिव मंदिर की ओर रवाना हुए.
गेरुआ वस्त्रों में सजे कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भीड़ से शहर का वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया. मंदिर से हिन्द चौक तक महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही.
एक तरफ से प्रवेश और दूसरी ओर से निकास की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद मंदिर में एक तरफ से प्रवेश और दूसरी तरफ से निकास की व्यवस्था की गयी थी. इससे जलाभिषेक का सिलसिला सुचारू रूप से चलता रहा.
भीड़ को देखते हुए पुजारी अमित कुमार उपाध्याय और ईश्वर भगत ने अहले सुबह ही मंदिर का पट खोल दिया, ताकि श्रद्धालुओं को अधिक देर तक इंतजार नहीं करना पड़े.
सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन रहा अलर्ट
अंतिम सोमवारी पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये थे. रविवार को एसपी राजेश कुमार ने मंदिर की व्यवस्था का निरीक्षण किया.
प्रभारी एसडीपीओ राजेश कुमार के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की गयी. थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार और पुलिस इंस्पेक्टर योगेंद्र रविदास के नेतृत्व में पुलिस अधिकारी, जवान और महिला पुलिसकर्मी मंदिर के आसपास तैनात रहे.
मंदिर तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगायी गयी. हिन्द चौक, नगर परिषद रोड, नेपाली टोला, नरैनापुर रोड और भगत सिंह चौक सहित अन्य स्थानों पर यातायात व्यवस्था नियंत्रित की गयी. बाइक सवारों के लिए पार्किंग की भी व्यवस्था रही.
स्वयंसेवकों ने संभाली भीड़ की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण में संकीर्तन संघ से जुड़े समाजसेवी सह शिक्षक संदीप मिश्र, राकेश सिंह राजपूत, राजेश तुलस्यान, भुवनेश्वर सिंह, टुन्ना यादव, संतोष विक्रम शाह, विनय श्रीवास्तव, आनंद सिंह और मुन्ना गोड समेत स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभायी.
स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं को कतारबद्ध करने और मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया.
मेले में उमड़ी भीड़, दुकानदारों के चेहरे खिले
अंतिम सोमवारी का धार्मिक उत्साह मेला परिसर में भी देखने को मिला. रामनगर, बगहा, वाल्मीकिनगर, लौरिया, नरकटियागंज नगर सहित दूर-दराज के दोन क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे.
पूजा सामग्री, खिलौने, फोटो, चाट, चाउमिन और अन्य सामान की दुकानों पर पूरे दिन खरीदारों की भीड़ बनी रही. श्रद्धालुओं की अच्छी संख्या से दुकानदारों के कारोबार में भी तेजी देखने को मिली.
झूलों पर बच्चों और युवाओं ने उठाया आनंद
रविवार और सोमवार को मेला परिसर में लगे विभिन्न झूले भी आकर्षण का केंद्र रहे. दिन से लेकर रात तक टावर, ब्रेक डांस, टोरा-टोरा और ड्रैगन ट्रेन सहित कई झूलों पर लोगों की भीड़ लगी रही.
परिवार के साथ पहुंचे लोगों ने पूजा-अर्चना के बाद मेले का आनंद उठाया. बच्चों और युवाओं में झूलों को लेकर खास उत्साह देखने को मिला.
फूलों से सजा राजशिव मंदिर, बढ़ी भव्यता
नगर परिषद के सौजन्य से हर वर्ष की तरह इस बार भी राजशिव मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाया गया. फूलों की सजावट से मंदिर परिसर की भव्यता और बढ़ गयी.
सभापति गीता देवी ने कहा कि अंतिम सोमवारी को लेकर नगर परिषद की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक आयोजन को भव्य बनाने के लिए हरसंभव सहयोग किया गया. मंदिर की साफ-सफाई, सजावट और आसपास की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो.
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