Bettiah News: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) ने सख्त रुख अपनाया है. उप विकास आयुक्त काजले नितिन वैभव ने नौतन, मझौलिया, बैरिया, लौरिया और योगापट्टी प्रखंड के बीडीओ से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है. साथ ही स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की जाएगी.
समीक्षा बैठक में सामने आई धीमी प्रगति
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बुधवार को आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा बैठक में प्रथम, द्वितीय और तृतीय किस्त के भुगतान के साथ-साथ आवास पूर्णता की प्रगति की समीक्षा की गई. इस दौरान कई प्रखंडों में लंबित किस्तों के भुगतान और आवास निर्माण पूरा कराने की रफ्तार बेहद धीमी पाई गई.
इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित बीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.
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बार-बार निर्देश के बावजूद नहीं हुई प्रगति
जारी पत्र में कहा गया है कि कई बार निर्देश देने के बावजूद लाभुकों को समय पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय किस्त का भुगतान सुनिश्चित नहीं कराया गया. साथ ही बिना किसी ठोस कारण के बड़ी संख्या में आवास अधूरे पड़े हैं, जिससे योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि बिहार ग्रामीण आवास योजना के तहत पहले भी एक सप्ताह के भीतर लंबित किस्तों का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन संबंधित प्रखंडों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई.
तीन दिन में मांगा जवाब
उप विकास आयुक्त ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में बरती जा रही शिथिलता अधिकारियों के दायित्वों का उल्लंघन है. राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकों में भी लंबित किस्तों के शत-प्रतिशत भुगतान और आवास निर्माण पूरा कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
