नेपाल में मूसलाधार बारिश का असर बिहार तक, सूखी नदियों में लौटा पानी, किसानों के चेहरे खिले

नेपाल से हो रही लगातार बारिश का असर अब पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज अनुमंडल में साफ दिख रहा है. कई पहाड़ी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिला है. हालांकि, बाढ़ की आशंका भी बढ़ गई है.

Nepal Rain Flood: नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज अनुमंडल में साफ दिखाई देने लगा है. पंडई, हड़बोड़ा, मनियारी, बलोर, जमुआ, हलतलवी और खाहड़ समेत कई पहाड़ी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. इससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने लगा है, हालांकि संभावित बाढ़ की आशंका भी बढ़ गई है.

यह भी पढ़ें: पहले शादी का झांसा, फिर कोर्ट मैरिज... अब 5 लाख दहेज नहीं देने पर घर से निकालने का आरोप

जुलाई की शुरुआत में सूखी थीं नदियां

इस वर्ष मानसून की धीमी शुरुआत और स्थानीय स्तर पर कम बारिश के कारण अधिकांश पहाड़ी नदियां लगभग सूख गई थीं. पानी की कमी से धान की रोपनी प्रभावित हो रही थी और किसानों को सिंचाई के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी.

अब नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण इन नदियों में पर्याप्त पानी आने लगा है, जिससे खेतों तक पानी पहुंचाना आसान हो गया है.

धान की रोपनी को मिला सहारा

नदियों के किनारे खेती करने वाले किसानों के लिए यह राहत भरी खबर है. अब किसान पंपसेट के माध्यम से आसानी से खेतों की सिंचाई कर धान की रोपनी का काम तेज कर सकते हैं.

कई किसानों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद नदियों में पानी लौटने से खेती की उम्मीद फिर से जगी है.

राहत के साथ बढ़ी बाढ़ की आशंका

पंडई, हड़बोड़ा, मनियारी, बलोर, जमुआ, हलतलवी और खाहड़ जैसी पहाड़ी नदियां हर वर्ष बरसात में उफान पर आकर कई गांवों में बाढ़ की स्थिति पैदा करती हैं.

फिलहाल बढ़ता जलस्तर किसानों के लिए राहत लेकर आया है, लेकिन यदि नेपाल में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में इन नदियों के और उफान पर आने की संभावना बनी हुई है.

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है. निचले इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है.

एसडीएम अभिजीत कुमार गोविंदा ने बताया कि फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है. हालांकि नेपाल में हो रही बारिश का असर इस क्षेत्र पर पड़ता है, इसलिए संबंधित अधिकारियों को एहतियात बरतने और स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं.

यह भी पढ़ें: 21 साल से वही स्वाद… मुजफ्फरपुर के इस समोसे के लिए आज भी दूर-दूर से पहुंचते हैं लोग


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Satish kumar pand

सतीश कुमार पांडेय ने वर्ष 2000 में जी न्यूज से पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने चर्चित दस्यु सरगनाओं की रिपोर्टिंग की. बाद में आज और दैनिक जागरण में कार्य किया. वर्ष 2016 से वें प्रभात खबर में कार्यरत हैं. इन्हें क्राइम, प्रशासनिक, राजनीतिक, सामाजिक तथा खेती-किसानी से जुड़ी खबरों में विशेष रुचि रही है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >