Bettiah: नरकटियागंज में जनसेवा का नया मॉडल, मंत्री-सांसद-विधायक की तिकड़ी बनी आम लोगों का सहारा

पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज में केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे, सांसद सुनील कुमार और विधायक संजय कुमार पांडेय की तिकड़ी जनसेवा का नया मॉडल पेश कर रही है. जनता दरबार, सीधा संवाद और शिकायतों के त्वरित समाधान के कारण इनकी सक्रियता क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है. पढ़ें पूरी खबर...

नरकटियागंज से सतीश कुमार पांडेय की रिपोर्ट

Bettiah News: राजनीति में अक्सर यह आरोप लगाया जाता है कि चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि जनता से दूर हो जाते हैं. लेकिन पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज में तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है. यहां केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, वाल्मीकिनगर सांसद सुनील कुमार और नरकटियागंज विधायक संजय कुमार पांडेय की तिकड़ी लगातार जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं के समाधान में जुटी है.

ग्रामीण इलाकों से लेकर शहर तक लोगों के बीच इन जनप्रतिनिधियों की सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है. संसद और विधानसभा सत्र के बीच का समय भी ये नेता जनता से संवाद और समस्याओं के समाधान में लगा रहे हैं.

हरसरी में हर सप्ताह लगती है मंत्री की चौपाल

केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे अपने पैतृक गांव हरसरी में लगभग हर शनिवार और रविवार जनता दरबार लगाते हैं. यहां पश्चिम चंपारण ही नहीं, बल्कि बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं.

जनता दरबार में मंत्री स्वयं लोगों की बातें सुनते हैं और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर समाधान की दिशा में पहल करते हैं. दिल्ली स्थित आवास से लेकर क्षेत्रीय कार्यालय तक लोगों का आना-जाना लगातार बना रहता है.

सांसद सुनील कुमार भी जनता से बनाए हुए हैं सीधा संपर्क

वाल्मीकिनगर सांसद सुनील कुमार क्षेत्रीय दौरे के साथ-साथ दिल्ली स्थित अपने आवास पर भी आम लोगों के लिए उपलब्ध रहते हैं. रेलवे, सड़क, बिजली, प्रशासनिक समस्याओं और केंद्र सरकार की योजनाओं से जुड़े मामलों में वे अधिकारियों के साथ समन्वय कर लोगों को राहत दिलाने का प्रयास करते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि सांसद तक पहुंचना अपेक्षाकृत आसान है और जनहित से जुड़े मामलों पर वे त्वरित पहल करते हैं.

विधायक संजय पांडेय भी जनता के बीच सक्रिय

नरकटियागंज विधायक संजय कुमार पांडेय भी लगातार क्षेत्र का दौरा कर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं. वे गांव-गांव जाकर जनसंवाद करते हैं और संबंधित विभागों तक समस्याओं को पहुंचाने के साथ अधिकारियों से सीधे बातचीत कर समाधान का प्रयास करते हैं.

चौपाल में आवेदन ही नहीं, समाधान की भी पहल

इन जनसुनवाई कार्यक्रमों की खास बात यह है कि केवल आवेदन लेने तक बात सीमित नहीं रहती. कई मामलों में संबंधित अधिकारियों को तत्काल फोन कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं. भूमि विवाद, पुलिस-प्रशासन से जुड़े मामले, घरेलू विवाद और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित लोगों की शिकायतों पर तत्काल पहल की जाती है. कई बार जनप्रतिनिधि दोनों पक्षों को बैठाकर आपसी समझौते की भी कोशिश करते हैं.

विकास योजनाओं की निगरानी पर भी विशेष जोर

जनप्रतिनिधियों की यह तिकड़ी केवल शिकायतें सुनने तक सीमित नहीं है. क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा, सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारियों को सक्रिय करने का प्रयास भी लगातार किया जा रहा है. स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पहल से लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद मिली है और कई मामलों में त्वरित कार्रवाई भी देखने को मिल रही है.

सुख-दुख के साथी बन रहे जनप्रतिनिधि

क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे, सांसद सुनील कुमार और विधायक संजय कुमार पांडेय केवल राजनीतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहते. शादी-विवाह, सामाजिक आयोजन, शोकसभा, धार्मिक कार्यक्रम और अन्य पारिवारिक अवसरों पर भी वे लोगों के बीच पहुंचते हैं.

यही वजह है कि क्षेत्र के कई लोग इस तिकड़ी को अपने सुख-दुख का सहभागी मानने लगे हैं. जनता के बीच उनकी बढ़ती मौजूदगी और सक्रियता ने जनप्रतिनिधित्व की एक अलग मिसाल पेश की है.

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लेखक के बारे में

Published by: Sarfaraz Ahmad

सरफराज अहमद IIMC से प्रशिक्षित पत्रकार हैं. राजनीति, समाज और हाइपरलोकल मुद्दों पर लिखते हैं. क्रिकेट और सिनेमा में गहरी रुचि रखते हैं. बीते तीन वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत हैं।

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