करोड़ों की जमीन डील, हत्या की साजिश और 'Made in USA' पिस्टल... नरकटियागंज में गैंग का बड़ा खुलासा

नरकटियागंज में करोड़ों रुपये की जमीन डील को लेकर रची गई हत्या की साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है. पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जमीन विवाद, रंगदारी और हथियारों के नेटवर्क से जुड़े अहम खुलासे हुए हैं. एक 'Made in USA' पिस्टल की भी बरामदगी हुई है.

Narkatiaganj Crime News: नरकटियागंज में करोड़ों रुपये की जमीन डील को लेकर रची गई कथित हत्या की साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है. शिकारपुर थाना पुलिस की कार्रवाई में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में जमीन विवाद, रंगदारी और हथियारों के नेटवर्क से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं.

पुलिस के अनुसार, गिरोह के पास से बरामद दो पिस्टलों में से एक पर 'N 7711 Made in USA' अंकित है. अब जांच एजेंसियां इस अत्याधुनिक हथियार के सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं.

करोड़ों की जमीन डील बना साजिश की वजह

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार गैंग लीडर आकाश चौधरी ने पूछताछ में बताया कि वह एक बड़ी जमीन डील में शामिल था.

जांच के अनुसार, शहर का एक व्यक्ति इस सौदे में बाधा बन रहा था. आरोप है कि उसे रास्ते से हटाने के बाद करोड़ों रुपये का फायदा मिलने की उम्मीद थी. इसी उद्देश्य से हत्या की योजना बनाई गई.

ऐसे तैयार हुआ पूरा नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, आकाश चौधरी ने इस काम के लिए इरफान अंसारी, जफीर आलम, मेहंदी हसन और अल्ताफ आलम से संपर्क किया.

जांच में सामने आया कि साठी थाना क्षेत्र के नूनी पाकड़ गांव निवासी मेहंदी हसन हथियार और कारतूस उपलब्ध कराने का काम करता था, जबकि अल्ताफ आलम ने भी हथियार पहुंचाने में भूमिका निभाई.

लाल स्कूटी से पहुंचाए जा रहे थे हथियार

पुलिस के अनुसार, इरफान अंसारी और जफीर आलम लाल रंग की स्कूटी से हथियार लेकर आकाश चौधरी के पास जा रहे थे.

दोनों को पुलिस ने रास्ते में पकड़ लिया. पूछताछ में उनकी निशानदेही पर तरहरवा स्थित घर से आकाश चौधरी और अल्ताफ आलम को गिरफ्तार किया गया.

हालांकि, कार्रवाई के दौरान मेहंदी हसन फरार हो गया. उसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है.

'सोल्जर' कनेक्शन की भी जांच

पुलिस अब पहले पोखरा चौक से गिरफ्तार किए गए 'सोल्जर' के दूसरे गुट से संबंधों की भी जांच कर रही है.

सूत्रों के अनुसार, आकाश चौधरी और 'सोल्जर' के बीच जमीन को लेकर पुरानी रंजिश थी और दोनों पक्ष एक-दूसरे को निशाना बनाने की तैयारी में थे.

जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि दोनों गुटों तक हथियार पहुंचाने में मेहंदी हसन की क्या भूमिका थी.

एसडीपीओ ने क्या कहा?

एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में जमीन कब्जाने और रंगदारी के लिए गिरोह के सक्रिय होने की बात स्वीकार की है.

उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच के अनुसार हथियार उपलब्ध कराने का काम मेहंदी हसन करता था. उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस को उम्मीद है कि उसके पकड़े जाने के बाद हथियारों की सप्लाई चेन और पूरे नेटवर्क से जुड़े अहम खुलासे हो सकते हैं.


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लेखक के बारे में

By सतीश कुमार पांडेय

सतीश कुमार पांडेय ने वर्ष 2000 में जी न्यूज से पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने चर्चित दस्यु सरगनाओं की रिपोर्टिंग की. बाद में आज और दैनिक जागरण में कार्य किया. वर्ष 2016 से वें प्रभात खबर में कार्यरत हैं. इन्हें क्राइम, प्रशासनिक, राजनीतिक, सामाजिक तथा खेती-किसानी से जुड़ी खबरों में विशेष रुचि रही है.

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