बेतिया फायर एक्सीडेंट: कुंडीलपुर पंचायत के बरगजवा गांव के परती टोला वार्ड संख्या 4 में शनिवार अहले सुबह भीषण अगलगी से अफरातफरी मच गयी. आग की चपेट में आने से 40 से अधिक मवेशियों की मौत हो गयी, जबकि चार परिवारों के घर और करीब 15 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जलकर राख हो गयी. हादसे में कई भैंस, गाय और बैल भी झुलसकर घायल हुए हैं.
अलाव की चिंगारी से आग लगने की बात
पीड़ित परिवारों के अनुसार, मवेशियों के पास जलाये गये अलाव से निकली चिंगारी से आग लगी. देखते ही देखते चिंगारी ने घर के बगल में बने बड़े करकट के बंगले को अपनी चपेट में ले लिया. बंगले में 40 बकरियां, तीन दर्जन से अधिक मुर्गियां, दो भैंस, एक गाय और एक बैल बंधे हुए थे.
आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को मवेशियों को बाहर निकालने तक का मौका नहीं मिला. देखते ही देखते पूरा बंगला आग की लपटों से घिर गया और बड़ी संख्या में पशुओं की मौत हो गयी.
नींद खुली तो धधक रहा था बंगला
पीड़ित सकील मियां ने बताया कि करीब चार बजे आग की गर्मी महसूस होने पर अचानक उनकी नींद खुली. बाहर निकलकर देखा तो पूरा बंगला धधक रहा था. उन्होंने तत्काल घर में सो रहे परिजनों को जगाया और किसी तरह सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला.
शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गये और आग बुझाने की कोशिश शुरू की. हालांकि, आग की भयावहता के कारण बंगले में बंधे पशुओं और अन्य सामान को बचाया नहीं जा सका.
चार परिवारों का सामान भी जलकर राख
अगलगी में सकील मियां, हारुण मियां, जमील मियां और वकील मियां के घरों को भी नुकसान पहुंचा है. घरों में रखा सामान, बाइक, साइकिल, कपड़े, बेड, धान और चावल समेत कई जरूरी सामान जल गये.
पीड़ित परिवारों के मुताबिक, अगलगी में कुल नुकसान 15 लाख रुपये से अधिक का हुआ है. सबसे बड़ा नुकसान पशुओं की मौत के रूप में हुआ है, क्योंकि पशुपालन इन परिवारों की आय का प्रमुख साधन था.
कर्मचारी और 112 पुलिस टीम ने पहुंचकर लिया जायजा
घटना की सूचना मिलने के बाद कर्मचारी और 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची. टीम ने अगलगी से हुई क्षति का जायजा लिया. स्थानीय स्तर पर नुकसान का आकलन भी किया गया है.
मुखिया प्रतिनिधि अभय सिंह ने बताया कि अग्निपीड़ित परिवार बेहद गरीब हैं. पशुपालन ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन था. उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने के लिए पहल करने की बात कही.
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