बेतिया: नौतन में मनरेगा बहाली और 700 रुपये मजदूरी की मांग, खेत-मजदूर यूनियन ने किया प्रदर्शन

नौतन में बिहार प्रांतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन ने मनरेगा कानून की बहाली, 200 दिन काम और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. केंद्र सरकार की नीतियों और रोजगार के मुद्दों पर वक्ताओं ने अपनी बात रखी.

West Champaran News: नौतन. बिहार प्रांतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन ने मंगलवार को नौतन अंचल कार्यालय पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी मनरेगा कानून की बहाली, खेत मजदूरों को साल में 200 दिन काम, 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी और नफरत की राजनीति पर रोक लगाने की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए प्रखंड कार्यालय पहुंचे. प्रदर्शन के बाद आयोजित सभा में केंद्र सरकार की नीतियों और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर वक्ताओं ने अपनी बात रखी.

मांगो को लेकर अंचल कार्यालय पर प्रदर्शन करते मजदूर यूनियन

मनरेगा कानून की बहाली की उठी मांग

प्रदर्शनकारियों ने मनरेगा कानून को फिर से प्रभावी तरीके से लागू करने की मांग की. मजदूर नेताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के गरीब परिवारों के लिए मनरेगा रोजगार का महत्वपूर्ण आधार है. प्रदर्शन के दौरान इसे मजबूत करने और मजदूरों को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया.

200 दिन काम और 700 रुपये मजदूरी की मांग

प्रदर्शनकारियों ने खेत मजदूरों के लिए साल में 200 दिन काम देने और न्यूनतम 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी की मांग उठायी. रोजगार और मजदूरी से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की बात कही गयी.

सभा में किसान और मजदूरों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग भी की गयी.

वीबी ग्रामजी कानून को लेकर जताया विरोध

यूनियन के जिला सचिव प्रभुनाथ गुप्ता ने मनरेगा के स्थान पर वीबी ग्रामजी कानून लागू किये जाने की आलोचना की. उन्होंने कहा कि मजदूरों के हित में मनरेगा की मूल भावना को बनाए रखना जरूरी है.

वहीं किसान सभा के राज्य नेता चांदसी प्रसाद यादव ने रोजगार के मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा और ग्रामीण मजदूरों के लिए अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग की.

चार लेबर कोड के खिलाफ भी आवाज

जिला सचिव प्रकाश कुमार वर्मा और शंकर कुमार राव ने चार लेबर कोड का विरोध किया. वक्ताओं ने मजदूरों के अधिकार और रोजगार सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया.

उन्होंने मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए श्रम कानूनों को लेकर सरकार की नीतियों पर पुनर्विचार करने की मांग की.

केंद्र सरकार की नीतियों पर साधा निशाना

सभा को बिहार राज्य ईख उत्पादक संघ के महासचिव प्रभुराज नारायण राव ने संबोधित किया. उन्होंने केंद्र सरकार पर किसान-मजदूर विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि किसानों और मजदूरों के हितों को ध्यान में रखकर नीतियां बनायी जानी चाहिए.

कई नेताओं ने सभा को किया संबोधित

प्रदर्शन के बाद आयोजित सभा को जिला अध्यक्ष म. हनीफ, सीटू जिला अध्यक्ष नीरज बरनवाल, रामा यादव, अवध बिहारी प्रसाद, लालबाबू यादव, प्रेम प्रसाद, अशर्फी चौधरी और म. मनीर समेत अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया.

वक्ताओं ने मजदूरों की मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में खेत और ग्रामीण मजदूर शामिल रहे.

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लेखक के बारे में

By राजकुमार पासवान

राजकुमार पासवान वर्ष 2001 से पश्चिम चंपारण के नौतन प्रखंड में सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. इन्होंने दस्यु सरगनाओं के आतंक, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर अपनी अलग पहचान बनाई. वर्तमान में वे प्रभात खबर से संवाददाता के रूप में जुड़े हैं.

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