Bettiah: एक वर्ष पूर्व घर में घुसकर नाबालिग से दुष्कर्म करने और उसकी छोटी बहन के साथ छेड़खानी करने के मामले की सुनवाई पूरी करते हुए रेप एंड पोक्सो एक्ट के अनन्य विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता ने नामजद अभियुक्त को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है. न्यायालय ने उस पर 52 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है. अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. न्यायालय ने पीड़िता को बिहार पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत तीन लाख रुपये तथा उसकी छोटी बहन को 25 हजार रुपये सहायता राशि देने का भी आदेश दिया है.
सजायाफ्ता मझौलिया थाना क्षेत्र का निवासी
सजायाफ्ता सिपाही साहनी मझौलिया थाना क्षेत्र के सेनवरिया नौका टोला का रहने वाला है. रेप एंड पोक्सो एक्ट के अनन्य विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने बताया कि घटना 20 जून 2025 की है. नाबालिग बच्ची रात में अपने घर में सोई थी. इसी दौरान सिपाही साहनी घर में घुसा और जबरदस्ती उसके साथ दुष्कर्म किया.
रुपये का लालच देकर कराया था चुप
लोक अभियोजक ने बताया कि घटना के बाद आरोपी और उसकी पत्नी ने रुपये का लालच देकर पीड़िता को चुप करा दिया था. इसके बाद सिपाही साहनी ने पीड़िता की छोटी बहन के साथ भी छेड़खानी की. मामले में मझौलिया थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी.
स्पीडी ट्रायल में पूरी हुई सुनवाई
मामले की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के माध्यम से पूरी की गयी. उपलब्ध साक्ष्यों और गवाही के आधार पर विशेष न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनायी. साथ ही अर्थदंड और पीड़िताओं को प्रतिकर राशि देने का आदेश जारी किया.
