बेतिया न्यूज: पश्चिम चंपारण जिला निबंधन कार्यालय में सोमवार को जिलाधिकारी तरनजोत सिंह के अचानक पहुंचते ही हड़कंप मच गया. डीएम ने कार्यालय का औचक निरीक्षण करते हुए निबंधन प्रक्रिया, सर्विस प्रोवाइडरों की व्यवस्था और परिसर में मौजूद लोगों की जांच की. इस दौरान एक कथित बिचौलिये को हिरासत में लेकर नगर थाना भेज दिया गया. हिरासत में लिया गया व्यक्ति शहर के वार्ड संख्या-12 निवासी ओजैर आलम बताया गया है.
जेल भेजे जाएंगे बाहरी व्यक्ति, सर्विस प्रोवाइडरों को चेतावनी
डीएम ने साफ कहा कि निबंधन कार्यालय परिसर में किसी भी गैर अधिकृत व्यक्ति की मौजूदगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सर्विस प्रोवाइडरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि उनके पास बाहरी या अनधिकृत व्यक्ति पाया गया तो संबंधित सर्विस प्रोवाइडर का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा. वहीं, परिसर में दलाली करते पकड़े जाने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा. मौके पर सदर एसडीएम विकास कुमार, सदर एसडीपीओ-वन अजीत कुमार, ओएसडी सुजीत कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
पिछली बार भी दिया था निर्देश, फिर मिली शिकायत
जिलाधिकारी ने कहा कि पिछली बार निरीक्षण के दौरान भी स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि निबंधन कार्यालय परिसर में कोई गैर अधिकृत व्यक्ति नहीं रहे. इसके बावजूद शिकायतें मिल रही हैं कि रजिस्ट्री की प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए कुछ लोग अनधिकृत रूप से परिसर में मौजूद रहते हैं. अब ऐसे मामलों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी.
बिना आईडी नहीं दिखना चाहिए कोई व्यक्ति
डीएम ने सभी सर्विस प्रोवाइडरों को निर्देश दिया कि वे अपना आईडी कार्ड लगाकर ही कार्यालय परिसर में रहें, ताकि उनकी पहचान आसानी से की जा सके. डीएम ने बताया कि जिले में 165 सर्विस प्रोवाइडरों को लाइसेंस दिया गया है. विभाग की ओर से व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं. प्रत्येक सर्विस प्रोवाइडर को एक सहायक भी अनुमन्य किया गया है, जिसकी नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है.
पेपरलेस निबंधन ने पकड़ी रफ्तार, रोज 30 से 35 दस्तावेजों की रजिस्ट्री
जिला निबंधन कार्यालय में लागू नई डिजिटल और पेपरलेस निबंधन व्यवस्था अब तेजी से आगे बढ़ रही है. शुरुआती तकनीकी झिझक और असमंजस दूर होने के बाद रोजाना औसतन 30 से 35 दस्तावेजों का निबंधन सुचारू रूप से हो रहा है. जिला अवर निबंधक गिरीशचंद्र ने बताया कि नई व्यवस्था में डीड तैयार करने से लेकर स्टांप शुल्क भुगतान, बायोमेट्रिक ई-केवाईसी और डिजिटल हस्ताक्षर तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जा रही है. निबंधन पूरा होते ही क्रेता और विक्रेता को दस्तावेज की सत्यापित डिजिटल प्रति क्यूआर कोड के साथ उनके व्हाट्सऐप और ई-मेल पर तुरंत उपलब्ध करा दी जाती है.
पारदर्शी प्रक्रिया से जमीन फर्जीवाड़ा पर लगी रोक
डीएम ने भी पेपरलेस निबंधन की प्रक्रिया का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में निबंधन की प्रक्रिया काफी आसानी से हो रही है और इसे सफल बनाने के लिए सभी स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं. डिजिटल व्यवस्था से लोगों को कार्यालय के अनावश्यक चक्कर लगाने और कागजी प्रक्रिया से राहत मिली है. पारदर्शी प्रक्रिया से जमीन संबंधी फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी.
नेपाल की महिलाओं के विवाह निबंधन पर प्रशासन का जोर
डीएम ने बताया कि शादी के बाद जिले में रहने वाली नेपाल की महिलाओं के विवाह निबंधन को लेकर प्रशासन की ओर से अभियान चलाया जा रहा है. स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत विवाह का निबंधन कराने के बाद संबंधित महिला नागरिकता प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर सकती है.इसी क्रम में जिला निबंधन कार्यालय में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बरवत सेना निवासी सैफुल्लाह अंसारी और उनकी पत्नी अबनारूल खातून को आधिकारिक विवाह निबंधन प्रमाणपत्र सौंपा गया. प्रमाणपत्र देते हुए डीएम ने नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दीं और उनके सुखद एवं समृद्ध दांपत्य जीवन की कामना की.
