जिस बेटे के घर लौटने का परिवार कर रहा था इंतजार, विजयवाड़ा स्टेशन पर उसी की मौत की खबर आई

केरल से मजदूरी कर लौट रहा 18 वर्षीय मितलाल राम की आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा रेलवे स्टेशन पर तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई. परिजनों को सूचना मिलने पर घर में कोहराम मच गया. ग्रामीणों ने शव लाने के लिए चंदा जुटाना शुरू किया है.

Bettiah News: मैनाटांड़ थाना क्षेत्र के मैनाटांड़ गांव निवासी 18 वर्षीय मजदूर मितलाल राम की शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा रेलवे स्टेशन पर तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई. वह केरल में मजदूरी करने गया था और तबीयत खराब होने के बाद घर लौट रहा था. विजयवाड़ा रेलवे पुलिस ने उसके मोबाइल से परिजनों को मौत की सूचना दी, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया.

Mainatand News: केरल में बिगड़ी थी मितलाल की तबीयत

मृतक की पहचान मैनाटांड़ गांव निवासी महेंद्र राम के पुत्र मितलाल राम के रूप में हुई है. बताया गया कि परिवार के भरण-पोषण के लिए वह कुछ दिन पहले मजदूरी करने के लिए केरल गया था. वहां पहुंचने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी.

साथ काम करने वाले मजदूरों ने कई बार उसे अस्पताल में भर्ती कराया और इलाज कराया, लेकिन उसकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ.

भाई से फोन पर कहा था- घर लौटना चाहता हूं

तबीयत लगातार खराब रहने के बीच मितलाल ने अपने भाई रोहित राम से फोन पर बात की थी. उसने घर लौटने की इच्छा जताई और यात्रा के लिए टिकट के पैसे भी मंगाए थे.

इसके बाद उसके साथ काम करने वाले साथियों ने गुरुवार को उसे ट्रेन पर बैठाकर घर के लिए रवाना किया. परिवार को उम्मीद थी कि मितलाल जल्द ही घर लौट आएगा.

विजयवाड़ा स्टेशन पर बिगड़ी हालत

ट्रेन से सफर के दौरान मितलाल की तबीयत फिर खराब हो गई. विजयवाड़ा रेलवे स्टेशन पहुंचने पर वह ट्रेन से उतर गया और स्टेशन परिसर में ही सो गया.

उसकी खराब हालत देखकर रेलवे पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया. उपचार के बाद उसे वापस रेलवे स्टेशन लाया गया, लेकिन शुक्रवार को उसकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई.

रेलवे पुलिस ने मोबाइल से दी परिजनों को सूचना

मितलाल की मौत के बाद विजयवाड़ा रेलवे पुलिस ने उसके मोबाइल फोन के जरिए परिजनों से संपर्क किया और घटना की जानकारी दी. मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया.

परिजन अब मितलाल का शव घर लाने की तैयारी में जुटे हैं.

शव घर लाने के लिए ग्रामीणों ने जुटाए पैसे

मितलाल के शव को मैनाटांड़ लाने के लिए परिवार के सामने आर्थिक चुनौती भी खड़ी हो गई. इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आपस में चंदा जुटाना शुरू किया है, ताकि शव को गांव लाकर अंतिम संस्कार किया जा सके.

18 वर्षीय मितलाल की मौत से परिवार और गांव के लोगों में गहरा दुख है.

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By Prabhat khabar news desk

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