National Child Science Congress 2026: 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के तहत गुरुवार को विपिन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अनुमंडल स्तरीय विज्ञान शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई. कार्यशाला में नरकटियागंज अनुमंडल के 112 विज्ञान शिक्षकों ने भाग लेकर वैज्ञानिक परियोजनाओं और नवाचार आधारित शिक्षण की जानकारी प्राप्त की.
दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. जफर कमाल अंजूम, जिला माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष मो. सनाउल्लाह, राज्य कार्यकारिणी सदस्य राजीव कुमार पाठक, भारत कुमार झा और जिला समन्वयक मुनीन्द्र कुमार झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर जोर
मुख्य अतिथि ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने आसपास की समस्याओं की पहचान कर उनके वैज्ञानिक समाधान खोजने के लिए प्रेरित करें.
उन्होंने कहा कि विज्ञान में नवाचार बच्चों की रचनात्मक सोच को विकसित करता है और उन्हें अलग पहचान दिलाने में मदद करता है.
'निरंतरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार' विषय पर प्रशिक्षण
जिला समन्वयक मुनीन्द्र कुमार झा ने इस वर्ष की थीम 'निरंतरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार' तथा इसके पांच उपविषयों की विस्तार से जानकारी दी.
उन्होंने विज्ञान परियोजनाओं के चयन, निर्माण, प्रस्तुतीकरण और मूल्यांकन की प्रक्रिया समझाते हुए शिक्षकों से बच्चों को बाल वैज्ञानिक के रूप में तैयार करने का आह्वान किया.
शोध और मॉडल निर्माण की दी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान मौलिक शोध, सर्वेक्षण, डेटा संकलन, विश्लेषण, मॉडल निर्माण और प्रभावी प्रस्तुतीकरण की तकनीकों पर भी विस्तार से चर्चा की गई.
कार्यक्रम का संचालन बृजेश कुमार ने किया. इस अवसर पर मुकेश राय, अजय पटेल, सच्चिदानंद ठाकुर, राजेश द्विवेदी, मंजीत कुमार, अरशी आजम, राज कुमार पांडेय, हेमंत भास्कर सहित कई विज्ञान शिक्षकों ने भी अपने विचार साझा किए.
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