Inarwa Road Crisis: मैनाटांड प्रखंड मुख्यालय से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाने वाला मुख्य मार्ग पिछले करीब छह महीनों से नाली के गंदे पानी और कीचड़ में डूबा हुआ है. जिस रास्ते से रोज मरीज, एंबुलेंस, गर्भवती महिलाएं और सैकड़ों छात्र-छात्राएं गुजरते हैं, उसकी बदहाली पर प्रशासन की नजर अब तक नहीं पड़ी है.
आए दिन दुर्घटना का शिकार हो रहे राहगीर और दोपहिया वाहन चालक
सड़क पर फैले जलजमाव और कीचड़ के कारण आए दिन लोग फिसलकर गिर रहे हैं. दोपहिया वाहन चालक लगातार दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं, जबकि मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही इस बदहाल रास्ते की गंभीर परीक्षा देनी पड़ रही है. बरसात शुरू होने के बाद स्थिति और भी भयावह हो गई है.
मूकदर्शक बना विभाग, ग्रामीणों ने सड़क मरम्मत की उठाई मांग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद न तो जलनिकासी की कोई व्यवस्था की गई और न ही सड़क की मरम्मत कराई गई. इससे ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी व्याप्त है. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से अविलंब जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है.
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