मुंशी टीपू पांडेय हत्याकांड में गुड्डू गुप्ता दोषी करार- सजा के बिंदु पर नौ सितंबर को होगी सुनवाई

बगहा -छितौनी रोड निर्माण के दौरान 27 वर्ष पहले हुए मुंशी टीपू हत्याकांड में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्रा की कोर्ट ने गुरुवार को संवेदक गुड्डू गुप्ता को दोषी करार दिया.

बगहा. बगहा -छितौनी रोड निर्माण के दौरान 27 वर्ष पहले हुए मुंशी टीपू हत्याकांड में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्रा की कोर्ट ने गुरुवार को संवेदक गुड्डू गुप्ता को दोषी करार दिया. सजा के बिन्दु पर सुनवाई की तिथि 09 सितंबर घोषित किया गया. इस आशय की जानकारी देते हुए लोक अभियोजक जितेन्द्र भारती ने बताया कि फैसला एक को होना था. लेकिन अभियुक्त की तबीयत खराब हो जाने के कारण तिथि टाल कर 04 सितंबर तय किया गया था. गुरुवार को दोषी करार देने के साथ ही सजा के बिन्दु पर सुनवाई के लिए 09 सितंबर की तिथि तय की गयी है. इधर पीड़ित के अधिवक्ता राकेश पांडेय ने बताया कि संवेदक गुड्डू गुप्ता का निर्णय आने तक न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है. गौरतलब है कि दोनों पक्ष से अपना-अपना साक्ष्य और सबूत कोर्ट को दिया जा चुका था. अंतिम सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता सत्येंद्र मिश्रा ने कोर्ट को बताया था कि इस कांड का सूचक विपिन सिंह ही था और पुलिस ने उसे ही अभियुक्त बना दिया. पुलिस असल कातिल तक नहीं पहुंची तो बिना साक्ष्य के आरोपित कर दिया. इस केस में 09 साक्षी पक्षद्रोही हो चुके हैं. पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर, केस की जांच करने वाले पुलिस अधिकारी तक कोर्ट में नहीं आए. इस कांड में कोई चश्मदीद नहीं है. किसी ने यह नहीं देखा कि हत्या किसने किया. अन्य साक्षी मृतक के मां और दोनों भाई है. जिन्होंने घटना घटित होते देखा ही नहीं है. मृतक की मां ट्रायल के दौरान ही मर गयी वह साक्ष्य देने नहीं आई. पुलिस ने अपने अनुसंधान में गुड्डू गुप्ता को निर्दोष पाया था. अभियुक्त गुड्डू गुप्ता घटनास्थल पर उपस्थिति भी नही था,अभियुक्त गुड्डू गुप्ता एवं मृतक में कोई दुश्मनी नहीं थी राजनीति वश गुड्डू गुप्ता को आरोपी बना दिया गया. जबकि अभियोजन पदाधिकारी जितेंद्र भारती ने कोर्ट को बताया कि इस केस में प्लानिंग के तहत कांड के सूचक विपिन कुमार सिंह और ठेकेदार गुडू गुप्ता ने घर से बुलाकर ले जाकर हत्या किया. और घटनाक्रम को मोड़ते हुए दूसरे के मध्य करने की कोशिश की गई है. इन लोगों के प्रभाव के कारण कई साक्षी पक्ष द्रोही हो गए. दोनों तरफ के बहस को सुनने के बाद कोर्ट ने 01 सितंबर को तिथि मुकर्रर की है. उस दिन कोर्ट का फैसला आ सकता है. इस कांड पर लोगों की नजर भी टिकी हुई है ,वहीं पीड़ित परिजनों को इंसाफ का भरोसा है.

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Author: SATISH KUMAR

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