बेतिया से रवि ‘रंक’ की रिपोर्ट
Geography Field Tour: बेतिया के महारानी जानकी कुंवर (एमजेके) कॉलेज के स्नातकोत्तर भूगोल विभाग के छात्रों का दो दिवसीय हिमालयी क्षेत्र भ्रमण शुक्रवार से शुरू हो गया. पीजी चौथे सेमेस्टर (सत्र 2024-26) के छात्र-छात्राओं का दल नेपाल के हेटौड़ा के लिए रवाना हुआ, जहां वे हिमालयी क्षेत्र का व्यावहारिक अध्ययन करेंगे.
कॉलेज परिसर से प्राचार्य प्रो. (डॉ.) नवल किशोर बैठा ने भ्रमण दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि भूगोल जैसे व्यावहारिक विषय को केवल पुस्तकों और कक्षा तक सीमित रखकर पूरी तरह नहीं समझा जा सकता. प्राकृतिक संरचनाओं और अलग-अलग जलवायु वाले क्षेत्रों का प्रत्यक्ष अध्ययन ही इस विषय की वास्तविक समझ विकसित करता है.
ये भी पढ़ें: बिहार पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 15 जुलाई से आवेदन, जानें जरूरी दस्तावेज और पूरी प्रक्रिया
किताबों से जमीन तक सीखने का प्रयास
इस शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन “From Text Books to Terrain: Learn, Inspire, Explore” यानी “किताबों से ज़मीन तक: सीखो, प्रेरित करो और खोजो” थीम के तहत किया गया है.
प्राचार्य ने कहा कि इस तरह के फील्ड विजिट छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों में सीखने का अवसर देते हैं और उनके शैक्षणिक ज्ञान को और मजबूत बनाते हैं.
ये भी पढ़ें: मुजफ्फरपुर सहित पूरे देश में E-Rickshaw बीच सड़क पर क्यों हो रहे हैं बंद? जानिए इसके पीछे की पूरी सच्चाई
हेटौड़ा में करेंगे हिमालयी क्षेत्र का अध्ययन
भ्रमण दल का नेतृत्व भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. तृप्ति कुमारी कर रही हैं. उनके साथ सहायक आचार्य डॉ. बरखा चपलोत और डॉ. योगेंद्र सम्यक भी मौजूद हैं.
डॉ. तृप्ति कुमारी ने बताया कि नेपाल के हेटौड़ा क्षेत्र में छात्र हिमालयी पहाड़ियों, घाटियों, भू-वैज्ञानिक संरचनाओं, मौसमीय परिस्थितियों और पर्यावरण तंत्र का व्यावहारिक अध्ययन करेंगे. इस दौरान स्थानीय भौगोलिक और पारिस्थितिक विशेषताओं का भी अवलोकन किया जाएगा.
लौटकर तैयार करेंगे फील्ड रिपोर्ट
यह शैक्षणिक भ्रमण 3 और 4 जुलाई तक चलेगा. अध्ययन पूरा होने के बाद सभी छात्र अपने अवलोकन के आधार पर विस्तृत फील्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिससे उन्हें शोध और व्यावहारिक अध्ययन का अनुभव मिलेगा.
कॉलेज में दिखा उत्साह
भ्रमण दल के प्रशासनिक समन्वय में राकेश कुमार, संजय प्रसाद और श्रीमती सपना भी शामिल हैं.
नेपाल के लिए रवाना होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण को लेकर कॉलेज के छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह देखा गया. कॉलेज प्रशासन का मानना है कि ऐसे फील्ड टूर छात्रों के ज्ञान, शोध क्षमता और व्यावहारिक समझ को नई दिशा देते हैं.
ये भी पढ़ें: मोबाइल टावर लगाने की प्रक्रिया तेज, लंबित आवेदनों का निपटारा 30 सितंबर तक अनिवार्य
