Madhubani News: नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में पोखरा, नारायणगढ़ सहित 14 स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी के बाद जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. मुख्य अभियंता ई. प्रमोद कुमार एवं बाढ़ विशेषज्ञ ई. अब्दुल हमीद ने पीपी तटबंध का सघन निरीक्षण कर अधिकारियों को संवेदनशील स्थलों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए.
पूरी रात तटबंधों पर डटे रहे अधिकारी
मुख्य अभियंता के निर्देश पर बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल संख्या-2 के कार्यपालक अभियंता राजेश कुमार, सहायक अभियंता प्रिंस कुमार, रवि कुमार ठाकुराई तथा पंकज कुमार ने गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पूरी रात तटबंधों की निगरानी की.
कार्यपालक अभियंता ने दुलारी रिटायर लाइन बांध, 16.10 किमी और 17.10 किमी स्थित रंगललही के अतिसंवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया तथा वहीं रात्रि विश्राम कर हालात पर नजर बनाए रखी.
चंद्रपुर और अन्य क्षेत्रों में भी चला निगरानी अभियान
अधीक्षण अभियंता धनंजय कुमार, कार्यपालक अभियंता विजय कुमार पाल तथा सहायक अभियंता इन्द्रदेव सिंह ने चंद्रपुर क्षेत्र में रातभर कैंप कर संवेदनशील स्थलों का जायजा लिया. वहीं जीएच प्रभाग में सहायक अभियंता आर्यन कुमार अपनी टीम के साथ मुस्तैद रहे.
उधर चंपारण तटबंध पर कार्यपालक अभियंता नेमीशरण, अधीक्षण अभियंता मोहम्मद जिलानी, सहायक अभियंता विकास कुमार सहित अन्य अभियंताओं और जेई की टीम ने भी पूरी रात निगरानी की.
गंडक नदी के जलस्तर में आई कमी
जल संसाधन विभाग के अनुसार, वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से अधिकतम 2.34 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था. हालांकि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में वर्षा कम होने के बाद गंडक नदी के जलस्तर में गिरावट शुरू हो गई है. बुधवार शाम चार बजे बैराज से 1.63 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया.
विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी तटबंध पर दबाव या कटाव की स्थिति नहीं है. स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी अधिकारी सतर्क हैं.
