Bettiah News: जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) में संविदा और आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मियों के छह माह से लंबित मानदेय के भुगतान की मांग तेज हो गई है. डीआरडीए कर्मचारी महासंघ ने ग्रामीण विकास विभाग से जनवरी 2026 से जून 2026 तक का बकाया मानदेय जल्द जारी करने की मांग की है.
प्रधान सचिव को भेजा गया पत्र
महासंघ के जिला अध्यक्ष पंकज कुमार ने 15 जुलाई 2026 को ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव को पत्र भेजकर लंबित भुगतान की समस्या से अवगत कराया.
पत्र में कहा गया है कि छह महीने से मानदेय नहीं मिलने के कारण कर्मचारी और उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं.
बच्चों की पढ़ाई और इलाज पर पड़ा असर
महासंघ के अनुसार नियमित भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों के लिए बच्चों की पढ़ाई, वृद्ध माता-पिता के इलाज और दैनिक खर्चों का प्रबंधन करना कठिन हो गया है.
संगठन ने कहा कि आर्थिक तंगी का सीधा असर कर्मचारियों के जीवन और कार्यक्षमता पर पड़ रहा है.
स्वीकृति के बाद भी नहीं हुआ भुगतान
महासंघ का कहना है कि जनवरी से मार्च 2026 तक के मानदेय भुगतान के लिए विभागीय स्वीकृति मिल चुकी थी. इसके बाद विशेष कार्य पदाधिकारी, ग्रामीण विकास विभाग की ओर से बीआरडीएस (BRDS) को आवश्यक निर्देश भी जारी किए गए, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो सका.
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2018 के बाद से कर्मचारियों के मानदेय का नियमित समायोजन भी नहीं किया गया है.
नियमित भुगतान की व्यवस्था की मांग
महासंघ ने विभाग से किसी भी उपलब्ध बजट मद से लंबित छह माह का मानदेय तत्काल जारी करने और भविष्य में नियमित भुगतान की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.
संगठन ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो कर्मचारियों में असंतोष और बढ़ सकता है. सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की अपील भी की गई है.
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