Bettiah News: बेलवा-साठी नहर की सफाई से निकले मलवे को लेकर नगर परिषद और त्रिवेणी नहर प्रमंडल के बीच विवाद गहराता जा रहा है. सड़क किनारे पड़े मलवे को हटाने को लेकर दोनों विभागों के बीच हुए पत्राचार ने अब जिम्मेदारी तय करने की प्रशासनिक बहस का रूप ले लिया है.
Narkatiaganj News: मलवा हटाने को लेकर शुरू हुआ पत्राचार
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने 24 जून 2026 को सड़क किनारे पड़े मलवे को हटाने के लिए त्रिवेणी नहर प्रमंडल को पत्र भेजा था. इसके बाद दोनों विभागों के समन्वय से 29 जून से कचरा हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया. हालांकि, 3 जुलाई 2026 को कार्यपालक अभियंता ने पत्र जारी कर पूरे मामले की जिम्मेदारी नगर परिषद पर डाल दी. इससे दोनों विभागों के बीच समन्वय को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.
नहर में शहर का कचरा और गंदा पानी बनने लगा बड़ी समस्या
कार्यपालक अभियंता ने अपने पत्र में कहा है कि नहर से निकला मलवा केवल गाद नहीं, बल्कि शहर की नालियों से पहुंच रहा ठोस कचरा भी है. उनका कहना है कि जब तक नगर क्षेत्र का कचरा और गंदा पानी नहर में गिरना बंद नहीं होगा, तब तक केवल सफाई और मलवा हटाने से स्थायी समाधान संभव नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि कई नालियां सीधे बेलवा-साठी नहर में गिर रही हैं, जिससे सिंचाई के पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और किसानों के साथ-साथ आम लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है.
नगर परिषद ने सहयोग का किया दावा
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी दीनेश पुरी ने कहा कि त्रिवेणी नहर विभाग से संपर्क कर नगर परिषद की ओर से सहयोग किया जा रहा है. 29 जून से कचरा हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है और नियमित रूप से सफाई अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि कार्यपालक अभियंता से भी इस संबंध में बातचीत हुई है तथा नगर परिषद लगातार कचरा उठाव का कार्य कर रही है.
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