बेतिया साइबर ठगी के जरिए अगस्त माह में 104 लोगों के खातों से निकाली गयी करीब चार लाख रुपये की राशि वापस करायी गयी है. साइबर अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस के साथ केंद्र सरकार की ओर से शुरू किये गये डिजिटल माध्यम भी मददगार साबित हो रहे हैं. साइबर डीएसपी अब्दुर रहमान ने लोगों से ठगी का शिकार होते ही बिना देर किये शिकायत दर्ज कराने की अपील की है.
1930 पर तुरंत करें शिकायत
साइबर डीएसपी ने बताया कि साइबर फ्रॉड होने पर पीड़ित को तत्काल 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करानी चाहिए. इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत भी की जा सकती है. पोर्टल के जरिए वित्तीय धोखाधड़ी समेत अन्य साइबर अपराधों की शिकायत दर्ज करने और उसकी स्थिति देखने की सुविधा उपलब्ध है.
उन्होंने बताया कि कई बार 1930 नंबर पर अत्यधिक व्यस्तता के कारण तत्काल संपर्क नहीं हो पाता है. ऐसी स्थिति में पीड़ित सीधे ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकता है. साइबर ठगी के मामलों में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है. इसलिए घटना की जानकारी मिलते ही बैंक और पुलिस को सूचना देने के साथ शिकायत करना जरूरी है.
एमआरएम से ठगी की रकम लौटाने में मिलेगी मदद
साइबर ठगी के पीड़ितों की सुविधा के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र यानी आई4सी की ओर से मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (एमआरएम) और ग्रीवांस रिड्रेसल मॉड्यूल (जीआरएम) शुरू किये गये हैं. दोनों मॉड्यूल अप्रैल 2026 से कार्यरत हैं.
एमआरएम का उद्देश्य साइबर फ्रॉड में ठगी गयी और जांच के दौरान रोकी या फ्रीज की गयी राशि को वास्तविक पीड़ित तक वापस पहुंचाने की प्रक्रिया को तेज करना है. इसके लिए पुलिस, बैंक और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के बीच समन्वय किया जाता है.
गलत तरीके से खाता फ्रीज होने पर जीआरएम
जीआरएम यानी ग्रीवांस रिड्रेसल मॉड्यूल का इस्तेमाल बैंक खाते को गलत तरीके से फ्रीज किये जाने या किसी राशि पर गलत तरीके से रोक लगाये जाने से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए किया जाता है. इसका उद्देश्य ऐसी शिकायतों का समयबद्ध तरीके से समाधान कराना है.
ठगी होते ही ये पांच काम जरूर करें
- तत्काल 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करें.
- राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें.
- बैंक को तुरंत सूचना देकर संबंधित खाते या लेनदेन को रोकने का अनुरोध करें.
- लेनदेन का संदेश, बैंक विवरण, मोबाइल नंबर, स्क्रीनशॉट और अन्य साक्ष्य सुरक्षित रखें.
- शिकायत संख्या संभालकर रखें, ताकि आगे की कार्रवाई और शिकायत की स्थिति की जानकारी ली जा सके.
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल: cybercrime.gov.in
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