एक भारत-श्रेष्ठ भारत " कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के बीच होगी प्रतियोगिता

जिला भर के माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच पहले स्कूल और फिर प्रखंड स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित होगी.

बेतिया : “एक भारत-श्रेष्ठ भारत ” कार्यक्रम के तहत जिला भर के माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच पहले स्कूल और फिर प्रखंड स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित होगी.

समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिलेभर के विद्यालयों में राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जारी “एक भारत – श्रेष्ठ भारत ” कार्यक्रम की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी.समग्र शिक्षा की डीपीओ गार्गी कुमारी ने इस विशेष आयोजन को लेकर सभी बीईओ को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं.प्रखंड स्तर पर इसकी प्रतियोगिता का आयोजन आगामी 13 जनवरी तक में सम्पन्न करने का निर्देश डीपीओ ने जारी किया है. पश्चिम चंपारण के सभी प्रखंडों में इस “एक भारत श्रेष्ठ भारत ” प्रतियोगिता का सुनिश्चित आयोजन होने का निर्देश जारी किया गया है. जिसमें प्रखंड स्तर पर भाषण,निबंध लेखन,रंगोली, क्विज़,चित्रकला और त्रिपुरा और मिजोरम के थीम पर आधारित ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रतियोगिता आयोजित होगी. वही इससे पूर्व स्कूलों के स्तर पर भी इसकी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी.डीपीओ गार्गी कुमारी ने बताया कि कार्यक्रम का मूल उद्देश्य छात्र छात्राओं में भारत की विविधता, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय अस्मिता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है.सभी माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति, गीत-संगीत,पोस्टर निर्माण, क्विज प्रतियोगिता, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों की विशेषताओं पर परिचर्चा तथा देश की विभिन्न परंपराओं से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी.विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर बच्चों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे. डीपीओ श्रीमती गार्गी ने अपने संबंधित पत्र में निर्देशित करते हुए कहा है कि यह कार्यक्रम न सिर्फ स्कूली बच्चों के ज्ञान को समृद्ध करेगा, बल्कि उनमें देशभक्ति, अखंडता और आपसी सम्मान की भावना भी विकसित करेगा.बीईओ को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सभी विद्यालय समय सीमा में तैयारी पूरी करें और रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजें. इसके अलावा,कार्यक्रम की प्रभावी निगरानी के लिए प्रखंड स्तर पर निरीक्षण दल भी गठित किए जाएंगे, जो विद्यालयों में गतिविधियों का अवलोकन कर रिपोर्ट तैयार करेंगे.समग्र शिक्षा का यह प्रयास जिलाभर के स्कूली छात्र छात्राओं में देश की एकता और सांस्कृतिक विविधता को लेकर सकारात्मक समझ विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. यहां उल्लेखनीय है कि पश्चिम चंपारण सहित बिहार भर के स्कूलों में मिजोरम और त्रिपुरा की विविध सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रदर्शित करने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं.इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाने वाली सरदार वल्लभ भाई पटेल की 2015 में सम्पन्न जयंती समारोह के मौके पर की थी.इसके तहत बिहार के लिए मिजोरम और त्रिपुरा जैसे राज्यों की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ना निर्धारित किया गया था. इसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता और विविध सांस्कृतिक परम्पराओं पर आपसी समझ को बढ़ावा देना है.ताकि स्थानीय छात्र छात्राओं को मिजोरम और त्रिपुरा जैसे राज्यों की समृद्ध विरासत और विशेषताओं से जोड़ा जा सके.

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Author: RANJEET THAKUR

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