Bettiah News: अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ चंपारण के स्वतंत्रता संग्राम और क्रांतिकारियों के साहस की गाथा बुधवार की शाम गांधी सभागार ऑडिटोरियम के मंच पर जीवंत हो उठी. राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के तहत प्रस्तुत भोजपुरी नाटक ‘फनिया वध’ ने दर्शकों को इतिहास के उन पलों से रूबरू कराया, जब मातृभूमि के लिए बलिदान सर्वोच्च था. नाटक के कई दृश्यों पर सभागार देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा.
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी तरनजोत सिंह, डीडीसी काजले वैभव नितिन एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. संगीत नाटक अकादेमी तथा कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के सहयोग से रंग संस्था ‘नया रंग’ ने इस नाटक का मंचन किया.
साहित्यकार डॉ. दिवाकर राय की रचना पर आधारित इस नाटक में अंग्रेजों के मुखबिर फणीन्द्रनाथ घोष उर्फ फनिया की हत्या की ऐतिहासिक घटना को प्रभावशाली अभिनय, सशक्त संवाद और आकर्षक मंच-सज्जा के माध्यम से प्रस्तुत किया गया.
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15 दिनों की कार्यशाला में तैयार हुई प्रस्तुति
रंगनिर्देशक हरिशंकर रवि के निर्देशन में तैयार इस प्रस्तुति का संगीत एवं ध्वनि संयोजन एम. डी. आसिफ ने किया, जबकि सहायक निर्देशक कालिका रहे. जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी राकेश कुमार के सहयोग से आयोजित इस नाटक की विशेषता यह रही कि इसे मात्र 15 दिनों की रंगमंच कार्यशाला में तैयार किया गया.
कलाकारों के अभिनय ने जीता दर्शकों का दिल
नाटक में नितेश कुमार, अंशुमन कुमार, आशीष कुमार, हर्षिता प्रिया, सुधाकर कुमार, रामपत कुमार चौधरी, प्रतीक कुमार, राहुल, जन्नत, अनुराग, रुस्तम अंसारी, विवेक कुमार, रविश, राशि कुमारी गुप्ता, प्रियंका कुमारी, अंशिका किरण, आर्यन कुमार, पुज्जावल कुमार, रवि राज शुक्ला, राहुल कुमार, हिमांशु कुमार, हिमांशु कुमार ठाकुर, जितजीवन प्रसाद, अंकित कुमार, लक्ष्मी कुमारी, अनामिका तिवारी, हैप्पी राज, श्रेयशी, सीमा, उर्वशी कुमारी, अर्पिता रानी, रविराज, प्रशांत कुमार, अमन कुमार, ज्योति शर्मा, आर्यन शर्मा, देवेंद्र, प्रभात कुमार झा, सुनील शर्मा, मनोज तथा गोबिंदराम ने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी.
कार्यक्रम में संगीत नाटक अकादेमी के प्रतिनिधि नीलेश दीपक, लेखक डॉ. दिवाकर राय, संजय उपाध्याय, कुंदन शांडिल्य, प्रशांत कुमार, चंदन सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे. अंत में राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन के साथ स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई.
