Bettiah News: बेतिया नगर निगम बोर्ड की बैठक अब सिर्फ निर्वाचित पार्षदों तक सीमित नहीं रहेगी. नगरपालिका अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आम नागरिक भी बोर्ड की बैठक में शामिल होकर कार्यवाही को देख और सुन सकते हैं. नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित ने स्पष्ट किया है कि सामान्य रूप से बोर्ड की बैठक आम जनता के लिए खुली होती है. हालांकि बैठक में शामिल नागरिक चर्चा, निर्णय या मतदान की प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर सकेंगे.
अब जनता भी देख और सुन सकेगी बोर्ड की बैठक
नगर आयुक्त ने बताया कि शहर की सड़क, नाली, सफाई, विकास योजनाओं और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों पर बोर्ड में होने वाली चर्चा को आम नागरिक भी बैठक में मौजूद रहकर देख और सुन सकते हैं. इससे लोगों को यह जानने का अवसर मिलेगा कि उनके हित से जुड़े मुद्दों पर पार्षद क्या चर्चा कर रहे हैं और किन प्रस्तावों पर निर्णय लिया जा रहा है.
जनता की मौजूदगी का मतलब हस्तक्षेप नहीं
नगर निगम बोर्ड की बैठक में आम लोगों को शामिल होने की अनुमति होने के बावजूद उन्हें कार्यवाही में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं होगा. चर्चा, प्रस्ताव पर निर्णय और मतदान का अधिकार निर्वाचित पार्षदों के पास ही रहेगा.
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि बैठक की गरिमा या कार्यवाही बाधित होने की स्थिति में बोर्ड संबंधित व्यक्ति को बैठक से बाहर कर सकता है.
पहले आम लोगों और मीडिया की एंट्री पर उठे थे सवाल
बताया जाता है कि पूर्व में नगर निगम बोर्ड की बैठकों में बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं रही थी. मीडिया के प्रवेश को लेकर भी विवाद सामने आया था. अब नगर आयुक्त के स्पष्टीकरण के बाद आम नागरिकों की बैठक में मौजूदगी को लेकर स्थिति साफ हो गई है.
उन्होंने कहा कि पूर्व में किन परिस्थितियों में प्रवेश पर रोक लगाई गई थी, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है. लेकिन वर्तमान में नगरपालिका अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आम नागरिक बोर्ड की बैठक में उपस्थित होकर कार्यवाही देख और सुन सकते हैं.
पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
नगर निगम की बैठकों में जनता की मौजूदगी से शहर के विकास से जुड़े फैसलों को लेकर पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है. आम लोग अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर होने वाली चर्चा को सीधे सुन सकेंगे और यह समझ सकेंगे कि उनके निर्वाचित प्रतिनिधि किन समस्याओं को बोर्ड के सामने उठा रहे हैं.
विशेष परिस्थिति में बैठक को निजी रखने का अधिकार
हालांकि विशेष परिस्थितियों में बोर्ड नियमों के अनुसार किसी बैठक या विचाराधीन विषय को निजी रखने का निर्णय ले सकती है. ऐसे मामलों को छोड़कर सामान्य बोर्ड बैठक में आम नागरिकों की मौजूदगी संभव होगी.
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