बेतिया से अवध किशोर तिवारी की रिपोर्ट
Bettiah News: पश्चिम चंपारण जिला मुख्यालय बेतिया के नगर निगम कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘माई भारत यूथ’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया. इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण में उनकी अहम भूमिका, जिम्मेदारियों और सामाजिक उत्तरदायित्वों के प्रति जागरूक व प्रेरित करना था. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पश्चिमी चम्पारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने दीप प्रज्वलित कर सत्र की शुरुआत की और युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में उनकी सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर दिया.
युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए किया प्रेरित
आयोजन के दौरान उपस्थित युवाओं के साथ राष्ट्र निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व, नेतृत्व क्षमता (लीडरशिप) और देश के समग्र विकास जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर एक सार्थक और जीवंत संवाद हुआ. युवाओं को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि वर्तमान समय में भारत की सबसे बड़ी पूंजी और ताकत उसकी युवा शक्ति ही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं का उत्साह, उनकी असीम ऊर्जा, नवाचार और सकारात्मक सोच ही आने वाले समय में देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
सकारात्मक बदलाव के वाहक बनें युवा: सांसद डॉ. संजय जायसवाल
सांसद ने कॉन्फ्रेंस हॉल में मौजूद युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी के साथ निर्वहन करें. उन्होंने युवाओं को अपने भीतर नेतृत्व क्षमता विकसित करने तथा समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक बनने का आह्वान किया. डॉ. जायसवाल ने कहा कि एक विकसित और सशक्त भारत का सपना तभी धरातल पर साकार हो सकता है, जब देश का युवा अपनी छिपी हुई प्रतिभा और पूरी क्षमता का उपयोग व्यक्तिगत लाभ से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में करना शुरू करेगा.
युवाओं ने भी साझा किए अपने विज़न, सजगता पर रहा जोर
इस गरिमामयी कार्यक्रम में बेतिया शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और युवाओं ने भाग लिया. संवाद सत्र के दौरान युवाओं ने भी राष्ट्र निर्माण, रोजगार, शिक्षा और तकनीक से जुड़े विभिन्न विषयों पर सांसद के सामने अपने मौलिक विचार और सुझाव साझा किए. पूरे आयोजन का मूल उद्देश्य नई पीढ़ी को अधिक जागरूक, जिम्मेदार और नेतृत्व के लिए मानसिक रूप से तैयार करना था, ताकि वे स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक देश के विकास में अपना प्रभावी और सकारात्मक योगदान दे सकें.
