बेतिया से अवध किशोर तिवारी की रिपोर्ट
Bettiah News: चंपारण रेंज के पुलिस महकमे में आने वाले दिनों में बहुत बड़े पैमाने पर फेरबदल और तबादले की तैयार हो चुकी है. रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) हरकिशोर राय ने बेतिया, बगहा एवं मोतिहारी के पुलिस अधीक्षकों (SP) को आधिकारिक पत्र जारी किया है. डीआईजी ने तीनों जिलों के कप्तानों से ऐसे तमाम पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की विस्तृत सूची मांगी है, जो पिछले पांच वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही जिले की सीमा के भीतर अलग-अलग थानों या शाखाओं में हैं. इस निर्देश के सार्वजनिक होते ही चंपारण रेंज के पुलिस महकमे के भीतर हलचल तेज हो गई है.
इंस्पेक्टर से सिपाही तक की बनेगी लिस्ट
डीआईजी के आदेश के बाद सभी तीनों पुलिस जिलों के कल्प कार्यालयों में वर्गवार और समेकित विवरण तैयार करने का काम युद्धस्तर पर शुरू हो गया है. डीआईजी हरकिशोर राय ने स्पष्ट किया है कि सूची में पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) से लेकर दरोगा, एएसआई और सिपाही स्तर तक के सभी कर्मियों का पूरा ब्योरा शामिल होना चाहिए. इस सूची में संबंधित पुलिसकर्मियों के पूर्व के पदस्थापन (Posting) और वर्तमान पदस्थापना स्थल की पूरी क्रोनोलॉजिकल जानकारी भी अनिवार्य रूप से दर्ज करने को कहा गया है ताकि किसी भी प्रकार की विसंगति न रहे.
10 जुलाई तक हर हाल में देनी होगी सूची
डीआईजी हरकिशोर राय ने समय-सीमा तय करते हुए चंपारण रेंज के सभी पुलिस अधीक्षकों को आगामी 10 जुलाई तक हर हाल में यह सूची मुख्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
रेंज स्तर पर बोर्ड की बैठक में होगा अंतिम फैसला
10 जुलाई को डेटा प्राप्त होने के बाद रेंज स्तर पर एक विशेष पुलिस स्थापना बोर्ड की हाई-लेवल बैठक आयोजित की जाएगी. इस बैठक में ही पांच वर्ष या उससे अधिक समय पूरा कर चुके पुलिसकर्मियों और पदाधिकारियों के एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरण (Transfer) की फाइलों पर अंतिम मोहर लगाई जाएगी.
8 साल की सेवा पूरी करने वाले भेजे जाएंगे रेंज से बाहर
पुलिस मुख्यालय के इस नए दिशा-निर्देश में एक बिंदु जोड़ा गया है. निर्देश के अनुसार, ऐसे पुलिसकर्मी और पदाधिकारी जो चंपारण रेंज (बेतिया, बगहा, मोतिहारी) में ही लगातार आठ वर्ष या उससे अधिक समय की लंबी अवधि से पदस्थापित हैं, उनकी एक अलग और विशेष सूची तैयार की जा रही है.
तबादलों से कार्यप्रणाली में आएगी पारदर्शिता
पुलिस विभाग के आला अधिकारियों का मानना है कि बहुत लंबे समय तक एक ही स्थान या जिले में पदस्थापना रहने से प्रशासनिक निष्पक्षता प्रभावित होती है और स्थानीय स्तर पर कार्यप्रणाली पर भी कई तरह के सवाल खड़े होने लगते हैं. ऐसे में पुलिस मुख्यालय की यह बड़ी पहल चंपारण की पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में एक मिल का पत्थर साबित होगी.
