Bagaha news: पश्चिम चंपारण जिले के रामनगर प्रखंड अंतर्गत खटौरी गांव में सोमवार को एक नई औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हुई. केंद्रीय कोयला एवं खनन राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने दीप प्रज्वलित और फीता काटकर पूर्वोत्तर भारत के पहले हाईटेक हैचरी प्लांट का उद्घाटन किया. ‘चंपारण एग्रो फार्म’ द्वारा स्थापित यह इकाई पूरी तरह से ऑटोमेटेड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा नियंत्रित है. इसे बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा समेत पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की सबसे अत्याधुनिक यूनिट माना जा रहा है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होगा दाना-पानी का प्रबंधन
स्थानीय उद्यमी रविशंकर नाथ तिवारी उर्फ गांधी जी द्वारा स्थापित इस प्लांट की तकनीक बेहद आधुनिक है. फार्म के भीतर मुर्गियों के दाने, पानी और तापमान का संतुलन स्वचालित मशीनों और एआई के जरिए किया जाएगा. वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग कर मात्र 30 से 35 दिनों के भीतर चूजों का वजन लगभग दो किलोग्राम तक पहुंच जाएगा. पहले चरण में 50 हजार चूजों के साथ इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की गई है.
युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार
उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि यह प्लांट केवल व्यापार के लिए नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए प्रशिक्षण और स्वरोजगार का एक बड़ा केंद्र बनेगा. उन्होंने उद्यमी गांधी जी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट्स से क्षेत्र का आर्थिक विकास तेज होगा. यह परियोजना बैंक ऋण के माध्यम से संचालित है और स्थानीय युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने का एक ठोस प्रयास है.
भविष्य की योजना: सीबीजी प्लांट से बनेगी गैस और बिजली
उद्यमी रविशंकर नाथ तिवारी ने भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए बताया कि यहां कुल छह शेड स्थापित किए जाएंगे, जिससे क्षमता बढ़कर तीन लाख ब्रॉयलर की हो जाएगी. इसके अलावा, कचरे के सही निस्तारण के लिए जल्द ही एक सीबीजी (CBG) प्लांट भी लगाया जाएगा. इस प्लांट के माध्यम से सीएनजी गैस, बिजली और उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद का उत्पादन किया जाएगा.
बगहा से चंद्र प्रकाश आर्य की रिपोर्ट
