Bettiah News: पश्चिम चंपारण के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू की गई है. अस्पताल प्रशासन अब विभागवार अलग-अलग आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) बनाने की योजना पर काम कर रहा है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को औपचारिक प्रस्ताव भेज दिया गया है. अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो जून के अंतिम सप्ताह से यह सुविधा मरीजों के लिए शुरू हो जाएगी.
बढ़ेंगे बेड, खत्म होगी लंबी वेटिंग
वर्तमान में जीएमसीएच में केवल 12 बेड का एक केंद्रीकृत आईसीयू संचालित है. मरीजों की भारी भीड़ के कारण गंभीर मरीजों को बेड के लिए 10 से 12 घंटे और कभी-कभी दो से तीन दिनों तक इंतजार करना पड़ता है. अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि विभागवार आईसीयू बनने से वेटिंग की समस्या खत्म होगी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीधी निगरानी में मरीजों को तुरंत इलाज मिल सकेगा. जून में नर्सिंग कर्मियों की नई पदस्थापना के बाद स्टाफ की कमी भी दूर हो जाएगी.
इन विभागों में बनेंगे 12-12 बेड के वार्ड
प्रस्ताव के अनुसार, मेडिसिन, कार्डियोलॉजी, ऑर्थो, पीडियाट्रिक और स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में 12-12 बेड के अलग आईसीयू वार्ड बनाए जाएंगे. वहीं सर्जरी विभाग के लिए 10 बेड का आईसीयू प्रस्तावित है. इसके अलावा इमरजेंसी विभाग के लिए एक विशेष क्रिटिकल केयर यूनिट तैयार करने की भी योजना है. इन वार्डों के लिए वेंटिलेटर, मॉनिटर और हाई फ्लो ऑक्सीजन सिस्टम जैसे आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था की जा रही है.
रेफर होने वाले मरीजों की संख्या में आएगी कमी
अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से इलाज की गुणवत्ता में सुधार होगा. जब मरीजों को समय पर आईसीयू बेड मिलेगा, तो उन्हें हायर सेंटर रेफर करने की जरूरत कम पड़ेगी. इससे न केवल मरीजों की जान बचाई जा सकेगी, बल्कि परिजनों को भी आर्थिक और मानसिक परेशानी से राहत मिलेगी.
बेतिया से आलोक अगस्टीन की रिपोर्ट
