बेतिया: सुरक्षा गार्डों की लापरवाही से संरक्षण गृह से भागा किशोर, जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

बेतिया बाल संरक्षण गृह में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहां एक किशोर ने रात में ग्रिल तोड़कर भागने में सफलता पाई. जांच में सीसीटीवी फुटेज ने गार्डों की लापरवाही का पर्दाफाश किया है.

Bettiah News: पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित बाल संरक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. जिला प्रशासन की जांच में खुलासा हुआ है कि एक किशोर रात के समय ऑब्जर्वेशन कक्ष की खिड़की की ग्रिल तोड़कर आसानी से फरार हो गया. जांच रिपोर्ट में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सुरक्षा गार्डों की लापरवाही भी सामने आई है. रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए कई अहम सिफारिशें की गई हैं.

रात में ग्रिल तोड़कर हुआ फरार

जिला पदाधिकारी के निर्देश पर एसडीसी विकास कुमार ने बाल संरक्षण गृह की जांच की. रिपोर्ट के अनुसार, संरक्षण गृह में कुल 12 किशोर रह रहे थे. इनमें से एक किशोर 2 जुलाई की रात करीब 2 से 3 बजे के बीच ऑब्जर्वेशन कक्ष की खिड़की पर लगे दो एग्जॉस्ट फैन तोड़कर बाहर निकला और ग्रिल के रास्ते दक्षिणी चहारदीवारी पार कर फरार हो गया.

हालांकि, वह 5 जुलाई को दोबारा संरक्षण गृह लौट आया.

खुला छोड़ा गया था कमरा और लोहे का गेट

जांच में सामने आया कि जिस ऑब्जर्वेशन कक्ष से किशोर भागा, उस दिन वहां कोई भी किशोर नहीं रखा गया था. इसके बावजूद कमरे का दरवाजा और आंगन का लोहे का गेट खुला छोड़ दिया गया था. रिपोर्ट में इसे संबंधित कर्मियों की गंभीर लापरवाही माना गया है.

सीसीटीवी फुटेज में सोते मिले सुरक्षा गार्ड

रिपोर्ट के मुताबिक, रात की पाली में भवन के अंदर तीन सुरक्षा गार्ड और मुख्य गेट पर सुरक्षा बल की तैनाती थी. लेकिन सीसीटीवी फुटेज में घटना के समय दोनों जगह तैनात सुरक्षाकर्मी सोते हुए दिखाई दिए. जांच में माना गया कि इसी लापरवाही का फायदा उठाकर किशोर फरार होने में सफल रहा.

पहले भी भाग चुका था किशोर

जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित किशोर पहले भी संरक्षण गृह से भाग चुका था और कई बार उसे दोबारा यहां रखा गया था. रिपोर्ट में ऐसे किशोरों की नियमित काउंसिलिंग कराने की आवश्यकता बताई गई है.

सुरक्षा व्यवस्था में कई कमियां मिलीं

एसडीसी की रिपोर्ट में संरक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था में कई तकनीकी खामियों का भी उल्लेख किया गया है. खिड़कियों और ग्रिल के बीच अधिक गैप, चहारदीवारी की कम ऊंचाई और कंसर्टिना वायर पर अतिरिक्त फेंसिंग की जरूरत बताई गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

पांच अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की सिफारिश

रिपोर्ट में बताया गया कि वर्तमान में संरक्षण गृह में 10 सुरक्षा कर्मी हैं, जबकि विभागीय मानक के अनुसार प्रत्येक पाली में चार-चार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती आवश्यक है. इसी वजह से पांच अतिरिक्त सुरक्षा बल उपलब्ध कराने की अनुशंसा की गई है.

इसके अलावा रात की ड्यूटी का साप्ताहिक रोटेशन, नियमित निगरानी, खाली कमरों में ताला लगाने और प्रभारी अधीक्षक द्वारा प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने की भी सिफारिश की गई है.

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लेखक के बारे में

By अवध किशोर तिवारी

अवध किशोर तिवारी तीन दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. इन्होंने हिंदी दैनिक राष्ट्रीय सहारा के दिल्ली संस्करण से करियर की शुरुआत की. वर्तमान में वर्ष 2018 से प्रभात खबर के बेतिया ब्यूरो कार्यालय से जुड़े हैं. सामाजिक, अपराध, राजनीतिक एवं जनसरोकार से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है

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