बेतिया से अवध किशोर तिवारी की रिपोर्ट
Bettiah Bridge Construction: बेतिया में सड़क चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण की एक महत्वपूर्ण परियोजना दो पुलों के निर्माण में फंस गई है. वन एवं जल संसाधन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं मिलने के कारण दोनों पुलों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है. स्थिति यह है कि परियोजना के पूरा होने में करीब छह महीने की अतिरिक्त देरी की आशंका जताई जा रही है. इसे देखते हुए पथ निर्माण विभाग ने एक बार फिर जल संसाधन विभाग से तकनीकी सहमति जल्द देने का अनुरोध किया है.
दो पुराने पुलों की जगह बनने हैं नए एचएल आरसीसी पुल
पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, बेतिया के कार्यपालक अभियंता ने मुख्य अभियंता, सिंचाई (जल संसाधन विभाग), मोतिहारी को पत्र भेजा है. पत्र में बताया गया है कि छोटकी पट्टी–बड़गांव–कदमहवा–खैर पोखरा–बरवा–बैराठी सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण का कार्य चल रहा है.
इसी परियोजना के तहत चैनज 11+650 पर त्रिवेणी कैनाल आरडी-130 और चैनज 17+000 पर दोन कैनाल आरडी-123 पर स्थित पुराने, जर्जर और संकीर्ण पुलों की जगह 3×12 मीटर के आधुनिक एचएल आरसीसी पुल बनाए जाने का प्रस्ताव है.
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तकनीकी स्वीकृति नहीं मिलने से रुका काम
विभागीय पत्र के अनुसार, पुल निर्माण के लिए आवश्यक तकनीकी सहमति और एनओसी अब तक प्राप्त नहीं हुई है. यही वजह है कि निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है. पथ निर्माण विभाग का कहना है कि यदि जल्द स्वीकृति नहीं मिली तो पूरी सड़क परियोजना निर्धारित समय पर पूरी नहीं हो सकेगी.
सरकार पर बढ़ सकता है अतिरिक्त वित्तीय बोझ
कार्यपालक अभियंता ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि निर्माण कार्य में देरी होने से परियोजना की अवधि लगभग छह महीने बढ़ सकती है. इसके कारण संवेदक (ठेकेदार) को प्राइस एस्केलेशन सहित अन्य मदों में अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है. इससे सरकार पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है.
मुख्य अभियंता से जल्द निर्णय लेने का अनुरोध
पथ प्रमंडल ने मुख्य अभियंता से विशेष रूप से दोन कैनाल आरडी-123 पर प्रस्तावित एचएल आरसीसी पुल के लिए जल्द तकनीकी सहमति जारी करने का अनुरोध किया है, ताकि निर्माण कार्य बिना और देरी के शुरू कराया जा सके.
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तकनीकी स्वीकृति मिलने का इंतजार
विभाग ने यह भी बताया है कि परियोजना से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित प्रपत्र पहले ही त्रिवेणी नहर प्रमंडल, नरकटियागंज तथा दोन नहर प्रमंडल, रामनगर के कार्यपालक अभियंताओं को उपलब्ध कराए जा चुके हैं. साथ ही इसकी सूचना अधीक्षण अभियंता, तिरहुत नहर अंचल, मोतिहारी और पश्चिम चंपारण के जिला पदाधिकारी को भी भेजी गई है. अब सभी की नजर तकनीकी स्वीकृति मिलने पर टिकी है, जिससे लंबे समय से प्रतीक्षित पुल निर्माण का रास्ता साफ हो सके.
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