Bagaha News: आगामी बाढ़ अवधि 2026 के मद्देनजर वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं . बाढ़ के दौरान गंडक नदी के जलस्तर और जलस्राव पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखने के लिए बराज नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है . बराज के गेटों के सुचारु संचालन और वायरलेस संचार व्यवस्था को बनाए रखने के लिए चार पालियों में कनीय अभियंताओं और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है .
1 जून से 31 अक्टूबर तक 24 घंटे काम करेगा कंट्रोल रूम
शीर्ष कार्य प्रमंडल, वाल्मीकिनगर द्वारा जारी सरकारी आदेश के अनुसार, यह विशेष व्यवस्था 1 जून 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगी . प्रत्येक पाली के कर्मियों का दायित्व साप्ताहिक आधार पर हर सोमवार को बदला जाएगा .
- प्रथम पाली (सुबह 6 से दोपहर 2 बजे):कनीय अभियंता जवाहर लाल प्रसाद और हिरालाल प्रसाद .
- द्वितीय पाली (दोपहर 2 से रात 10 बजे): कनीय अभियंता नेसार अली और सौरभ कुमार .
- तृतीय पाली (रात 10 से सुबह 6 बजे): कनीय अभियंता प्रमोद कुमार सिंह और अनुराग गिरी .
- चौथी आरक्षित पाली: कनीय अभियंता अभिषेक कुमार चौधरी और कुमार शांतनु सिंह की टीम आपातकालीन स्थिति के लिए तैनात रहेगी .
वरीय अधिकारियों को मिली कमान, यांत्रिक उपकरण दुरुस्त
कंट्रोल रूम की संयुक्त निगरानी अवर प्रमंडल पदाधिकारी अभियंता रंजन कुमार और अभियंता सुजीत कुमार करेंगे . गंडक बराज के कार्यपालक अभियंता मोहम्मद इकबाल अनवर ने बताया कि बाढ़ पूर्व तैयारियों के तहत बराज के सभी गेटों और यांत्रिक उपकरणों की मरम्मत का कार्य समय से पूरा कर लिया गया है . बराज प्रशासन संभावित बाढ़ की किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद है .
चंद्रप्रकाश आर्य की रिपोर्ट
