Bettiah News: बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन (एटक) पश्चिम चंपारण की बैठक रविवार को बलिराम भवन में जिला अध्यक्ष सीमा देवी की अध्यक्षता में आयोजित हुई. बैठक में कई महीनों से आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं को मानदेय का भुगतान नहीं होने पर गहरा आक्रोश जताया गया. इसके साथ ही विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की रणनीति भी तैयार की गई.
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है, लेकिन सेविकाओं को अब तक न तो मोबाइल उपलब्ध कराया गया है और न ही मोबाइल खरीदने के लिए कोई राशि दी गई है. इसके अलावा मोबाइल रिचार्ज, मकान किराया और केंद्र संचालन के लिए मिलने वाली वार्षिक कंटिजेंसी राशि का भी भुगतान नहीं किया जा रहा है.
लौरिया परियोजना की अनियमितताओं पर भी उठे सवाल
बैठक में लौरिया परियोजना में कथित अनियमितताओं को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की गई. यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि कई केंद्रों पर पोषाहार उपलब्ध नहीं होने के बावजूद सेविकाओं से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है, जिससे उनमें असंतोष है.
अधिकारों की लड़ाई के लिए तैयार रहने का आह्वान
एटक के जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश क्रांति ने कहा कि गरीबों से जुड़ी योजनाओं के प्रति सरकार और संबंधित विभाग की उदासीनता चिंताजनक है. उन्होंने सेविका और सहायिकाओं से अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया.
जुलाई और अगस्त में होगा आंदोलन
बैठक में निर्णय लिया गया कि जुलाई माह में सभी परियोजना कार्यालयों पर प्रदर्शन कर मांग पत्र सौंपा जाएगा. इसके बाद अगस्त में जिला मुख्यालय पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा.
बैठक में जिला संगठन प्रभारी अजय वर्मा, सीता देवी, गोदावरी देवी, सरिता शुक्ला, पम्मी रानी, अर्पण राय, सुधा देवी, विभा देवी, संजू देवी, हसीना, मीना, परमिला, तब्बसुम, आनंद श्रीवास्तव, त्रिगुण देवी, विनय, राजा जी सहित बड़ी संख्या में सेविका-सहायिकाएं मौजूद रहीं और अपने विचार रखे.
