Afaque Haider MLC: वित्तरहित शिक्षकों को अनुदान और सातवें वेतनमान के लिए मुख्यमंत्री से मिले आफाक हैदर

Afaque Haider MLC: शिक्षक एमएलसी आफाक हैदर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर शिक्षकों की मांगें उठाईं. उन्होंने वित्तरहित शिक्षकों को अनुदान, पुरानी पेंशन, सातवां वेतनमान, कैशलेस चिकित्सा और ई-शिक्षा ऐप की कठिनाइयों को दूर करने का आग्रह किया.

बेतिया से गणेश वर्मा की रिपोर्ट

Afaque Haider MLC: शिक्षक एमएलसी आफाक हैदर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से शिष्टाचार मुलाकात कर राज्य के शिक्षकों एवं शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से वित्तरहित शिक्षकों एवं वित्तरहित शिक्षण संस्थानों के लिए अनुदान (Grant-in-Aid) की व्यवस्था लागू करने की मांग की. उन्होंने कहा कि वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दे रहे शिक्षकों को सम्मानजनक सहयोग और अधिकार मिलना बेहद जरूरी है.

पुरानी पेंशन योजना और कैशलेस चिकित्सा की मांग

मुलाकात के दौरान एमएलसी ने शिक्षकों की लंबित सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान की पुरजोर वकालत की. उन्होंने पूर्व सेवा एवं अनुभव के आधार पर पदोन्नति व वरीयता का लाभ, सेवा की निरंतरता, नियमित वेतनमान, कैशलेस चिकित्सा योजना में सरकार का पूर्ण अंशदान, शनिवार को अर्थ दिवस के अवसर पर विद्यालय संचालन तथा पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी. इसके अलावा राज्य कर्मचारियों के अनुरूप मकान किराया भत्ता (HRA) एवं सातवें वेतनमान का लाभ देने का भी आग्रह किया.

मदरसा, संस्कृत और अतिथि शिक्षकों के मुद्दों पर चर्चा

आफाक हैदर ने मदरसा एवं संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों के लिए ईपीएफ कटौती के साथ वार्षिक वेतन वृद्धि, विद्यालयों की आधारभूत संरचना के विकास, अतिथि एवं संविदा शिक्षकों की समस्याओं के समाधान तथा विश्वविद्यालय व महाविद्यालय के शिक्षकों के लंबित मामलों के निपटारे पर जोर दिया. उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में कालबद्ध पदोन्नति लागू करने, ई-शिक्षा ऐप से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने और गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों के लिए विशेष सहायता योजना शुरू करने की मांग भी रखी.

सरकार से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद

मुलाकात के बाद एमएलसी आफाक हैदर ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि राज्य सरकार इन सभी मांगों पर सकारात्मक विचार कर शीघ्र ही कोई प्रभावी निर्णय लेगी. उन्होंने कहा कि इन मांगों के पूरा होने से शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा. उन्होंने साफ तौर पर दोहराया कि शिक्षकों के सम्मान, अधिकार और हितों की लड़ाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी.

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सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।
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