10 हजार जीविका दीदियां, 20 लाख का मुनाफा! मझौलिया में महिलाओं ने कैसे बदली अपनी तकदीर?

मझौलिया प्रखंड में आयोजित अधिकार जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी लिमिटेड की आमसभा में 779 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करीब 10 हजार जीविका दीदियों की आर्थिक प्रगति पर चर्चा हुई. कपड़े और तिरंगा निर्माण से 20 लाख के शुद्ध मुनाफे ने महिलाओं की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

Bettiah News: बेतिया. मझौलिया प्रखंड स्थित अधिकार जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी लिमिटेड की वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक आमसभा आयोजित की गई. बैठक में संकुल संघ की अध्यक्ष मेहरून नेसा ने ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने के साथ आगामी वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना की जानकारी दी. इस दौरान स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों, आजीविका संवर्धन और जीविका दीदियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर चर्चा हुई.

779 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं करीब 10 हजार दीदियां

वार्षिक आमसभा में मौजूद जीविका दीदी

संकुल संघ की अध्यक्ष मेहरून नेसा ने बताया कि अधिकार जीविका संकुल संघ से कुल 779 स्वयं सहायता समूह जुड़े हुए हैं. इन समूहों के माध्यम से करीब 10 हजार जीविका दीदियां विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़ी हैं.

संघ की ओर से इंटरलेंडिंग के साथ महिलाओं को स्वरोजगार और आयवर्धन से जोड़ने के लिए लगातार गतिविधियां संचालित की जा रही हैं.

कपड़े और तिरंगा निर्माण से 20 लाख का शुद्ध मुनाफा

आमसभा में बताया गया कि संकुल संघ ने विभिन्न आजीविका गतिविधियों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए कपड़ों की सिलाई और तिरंगा झंडों के निर्माण का काम भी किया.

इन गतिविधियों से संकुल संघ को करीब 20 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित हुआ. इससे समूह से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है.

जीविका दीदियों को लखपति बनाने पर जोर

प्रखंड परियोजना प्रबंधक गुलाम सरवर ने कहा कि स्वयं सहायता समूह जीविका दीदियों की आर्थिक मजबूती का महत्वपूर्ण आधार हैं. उन्होंने महिलाओं से समूह के माध्यम से ऋण लेकर उद्यम और आजीविका गतिविधियां शुरू करने की अपील की.

उन्होंने कहा कि नियमित आर्थिक गतिविधियों के जरिए महिलाएं अपनी आमदनी बढ़ाकर लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं.

नियमित बैठक और बचत को बताया सफलता का आधार

ट्रेनिंग ऑफिसर आफताब आलम ने स्वयं सहायता समूहों की सफलता के लिए नियमित बैठक, बचत, समय पर ऋण वापसी और पारदर्शी तरीके से समूह संचालन को जरूरी बताया.

उन्होंने दीदियों से समूह की बैठकों में सक्रिय भागीदारी करने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की अपील की.

आजीविका गतिविधियों में राशि के बेहतर उपयोग पर जोर

लेखापाल मो. रहमत ने समूह की राशि का अधिकतम उपयोग आजीविका एवं आयवर्धन से जुड़ी गतिविधियों में करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि समूह की आर्थिक मजबूती के लिए उपलब्ध राशि का योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाना जरूरी है.

उत्कृष्ट कार्य करने वाली जीविका दीदियां सम्मानित

आमसभा के अंत में विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाली जीविका दीदियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. अधिकारियों ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में और बेहतर आजीविका गतिविधियां संचालित करने के लिए प्रेरित किया.

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लेखक के बारे में

By अवध किशोर तिवारी

अवध किशोर तिवारी तीन दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. इन्होंने हिंदी दैनिक राष्ट्रीय सहारा के दिल्ली संस्करण से करियर की शुरुआत की. वर्तमान में वर्ष 2018 से प्रभात खबर के बेतिया ब्यूरो कार्यालय से जुड़े हैं. सामाजिक, अपराध, राजनीतिक एवं जनसरोकार से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है

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