Valmikinagar Python Rescue: मानसून के दौरान बढ़े जलस्तर के बीच गंडक बराज के तीन नंबर फाटक में करीब 10 फीट लंबा अजगर फंस गया. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घंटों तक रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन नदी की तेज जलधारा और पानी के अत्यधिक दबाव के कारण अजगर को सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जा सका.
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम
गुरुवार सुबह अजगर के फाटक में फंसे होने की जानकारी मिलने पर वनपाल आशीष कुमार के नेतृत्व में वन कर्मियों की टीम घटनास्थल पर पहुंची.
टीम ने उपलब्ध संसाधनों की मदद से अजगर को निकालने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के कारण रेस्क्यू अभियान बार-बार प्रभावित होता रहा. पानी का दबाव इतना अधिक था कि वन कर्मियों के लिए फाटक तक सुरक्षित पहुंचना भी मुश्किल हो गया.
फिलहाल अजगर पर रखी जा रही नजर
काफी देर तक प्रयास करने के बाद वन विभाग ने अभियान रोक दिया. विभाग का अनुमान है कि जलस्तर कम होने या परिस्थितियां अनुकूल बनने पर अजगर फाटक की संरचना और रस्सियों का सहारा लेकर स्वयं बाहर निकल सकता है.
वन विभाग की टीम लगातार मौके पर नजर बनाए हुए है.
मानसून में जंगल से बाहर आ रहे वन्यजीव
इन दिनों वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) मानसून के कारण पर्यटकों के लिए बंद है. शांत वातावरण और बढ़े जलस्तर के बीच भोजन व सुरक्षित स्थान की तलाश में कई वन्यजीव जंगल से बाहर निकलकर नदी-नालों और रिहायशी इलाकों के आसपास देखे जा रहे हैं.
हाल के दिनों में भालू और विभिन्न सरीसृप प्रजातियों की मौजूदगी भी आसपास के क्षेत्रों में दर्ज की गई है.
वन विभाग की अपील
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी कोई वन्यजीव दिखाई दे तो उसे पकड़ने या छेड़ने का प्रयास न करें.
ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू अभियान चला सके.
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