Begusarai News : जिला परिषद बेगूसराय में कथित प्रशासनिक मनमानी, निर्वाचित सदस्यों के साथ दोहरी नीति, योजनाओं के असमान वितरण तथा जिला परिषद अध्यक्ष के अधिकारों और गरिमा से जुड़े मामलों को लेकर जिला परिषद अध्यक्ष सुरेंद्र पासवान सहित अन्य पार्षदों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है. इसी क्रम में अध्यक्ष ने पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात कर विस्तृत आवेदन सौंपा. इस दौरान जिला परिषद सदस्य सह भाजपा जिला मंत्री अमित कुमार देव भी मौजूद रहे.
निर्वाचित प्रतिनिधियों के अधिकारों का मामला बताया
पंचायती राज मंत्री को सौंपे गये आवेदन में कहा गया है कि मामला किसी व्यक्ति विशेष या अधिकारी से व्यक्तिगत विवाद का नहीं है, बल्कि जिला परिषद के निर्वाचित अध्यक्ष और सदस्यों के अधिकारों, सरकारी राशि के पारदर्शी उपयोग, योजनाओं के न्यायसंगत वितरण तथा पंचायती राज संस्थाओं की लोकतांत्रिक गरिमा से जुड़ा गंभीर विषय है. अध्यक्ष ने मामले में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है.
20 अगस्त की बैठक में अध्यक्ष को बाहर करने का आरोप
आवेदन में विशेष रूप से 20 अगस्त 2026 को जिला परिषद की बैठक में हुई घटना का उल्लेख किया गया है. अध्यक्ष के अनुसार, वह बैठक में उपस्थित थे, लेकिन उन्हें बैठक हॉल से बाहर कर दिया गया. इसके बाद उनकी मौजूदगी में उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में बैठक संचालित करने का प्रयास किया गया. हालांकि, बाद में कोरम के अभाव में बैठक स्थगित कर दी गयी.
बैठक बुलाने के लिए तीन बार किया गया अनुरोध
अध्यक्ष ने आवेदन में आरोप लगाया है कि जिला परिषद की बैठक बुलाने के लिए उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को लगातार तीन बार मौखिक और लिखित अनुरोध किया गया, लेकिन समय पर बैठक आयोजित नहीं की गयी. काफी प्रयास और पत्राचार के बाद बैठक आयोजित हुई. अध्यक्ष ने बैठक से संबंधित पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है.
योजनाओं के असमान वितरण का भी आरोप
जिला परिषद की योजनाओं के चयन और आवंटन को लेकर भी आवेदन में गंभीर सवाल उठाये गये हैं. आरोप लगाया गया है कि कुछ सदस्यों के क्षेत्रों में योजनाओं का अधिक आवंटन किया गया, जबकि दलित और पिछड़े वर्ग के निर्वाचित सदस्यों के क्षेत्रों में योजनाओं की स्वीकृति और भुगतान में बाधा उत्पन्न होने की शिकायतें सामने आयी हैं. अध्यक्ष ने योजनाओं के आवंटन और भुगतान की प्रक्रिया की भी जांच की मांग की है.
15वीं वित्त आयोग सहित योजनाओं की जांच की मांग
आवेदन में जिला परिषद के उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी आकाश चौधरी के पदस्थापन के बाद स्वीकृत 15वीं वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग और अन्य प्रमुख योजनाओं की स्वतंत्र वित्तीय एवं प्रशासनिक जांच कराने की मांग की गयी है. अध्यक्ष ने योजनाओं की स्वीकृति, आवंटन और भुगतान की प्रक्रिया को जांच के दायरे में लाने का आग्रह किया है.
मंत्री ने शीघ्र कार्रवाई का दिया आश्वासन
मामले को गंभीरता से सुनने के बाद पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये. उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की समीक्षा कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. वहीं, जिला परिषद अध्यक्ष और पार्षदों का अनिश्चितकालीन धरना अपनी मांगों को लेकर जारी है.
