Begusarai News : शहर के एनएच-31 पर ट्रैफिक चौक से लेकर बस स्टैंड तक सोमवार को नगर निगम की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया. अभियान का नेतृत्व सहायक लोक स्वच्छता एवं अवशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी अनुराग कुमार और सूरज कुमार कर रहे थे. टीम में सहायक वाहन प्रभारी मुकेश कुमार सहित दर्जनों निगम कर्मी और पुलिस बल शामिल थे. कार्रवाई के दौरान करीब आधा दर्जन चारपहिया ठेले और तीन चौकियां जब्त की गयीं. वहीं, जुर्माने के रूप में 14 हजार रुपये की वसूली की गयी.
बुलडोजर पहुंचते ही फुटपाथी दुकानदारों में मचा हड़कंप
जैसे ही बुलडोजर और ट्रैक्टर ट्रैफिक चौक पहुंचे, फुटपाथी दुकानदारों और रेहड़ी-खोमचे वालों में हड़कंप मच गया. दुकानदार आनन-फानन में सड़क और फुटपाथ पर रखी अपनी-अपनी सामग्री हटाने लगे. निगम की टीम ने अतिक्रमण कर रखे गये सामान को हटाते हुए कई ठेले और चौकियां जब्त कीं.
प्रमुख सड़कों पर अतिक्रमण से आवागमन प्रभावित
शहर में लगातार अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है. महापौर पिंकी देवी के पदभार ग्रहण करने के बाद जगह-जगह चौराहों पर यातायात मित्रों की नियुक्ति से आवागमन में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है. फुटपाथी दुकानदारों और सड़क किनारे वाहनों की अवैध पार्किंग के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
शहर के प्रमुख और अतिव्यस्त मार्ग एनएच-31, कचहरी रोड, काली स्थान से बीपी स्कूल रोड और महिला कॉलेज जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे फुटपाथी दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण किया जाता है. इसके अलावा वाहन चालक भी सड़क किनारे अवैध रूप से वाहन खड़े कर देते हैं. इससे इन मार्गों पर आवागमन बाधित होने के साथ अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है.
मॉल और निजी अस्पतालों के सामने पार्किंग की समस्या
शहर के इन प्रमुख मार्गों पर कई मॉल, मार्केट कॉम्प्लेक्स, क्लिनिक और निजी अस्पताल संचालित हैं. इनमें कई स्थानों पर पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. कुछ मॉल और क्लिनिक में पार्किंग की व्यवस्था होने के बावजूद उसके अव्यवस्थित होने के कारण लोग सड़क पर ही वाहन खड़ा कर देते हैं. इससे सड़कों की चौड़ाई कम हो जाती है और यातायात प्रभावित होता है.
कचहरी रोड पर आधी सड़क तक अतिक्रमण
कचहरी रोड पर सड़क की चौड़ाई पर्याप्त होने के बावजूद ठेले और खोमचे वालों द्वारा सड़क के बड़े हिस्से पर अतिक्रमण कर लिया जाता है. इससे सड़क संकरी हो जाती है और वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने लगती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के दौरान ठेले-खोमचे वाले कुछ समय के लिए सड़क खाली कर देते हैं, लेकिन अभियान समाप्त होने के बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है.
कार्रवाई के बाद भी स्थायी समाधान की जरूरत
शहरवासियों का कहना है कि नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है, लेकिन स्थायी समाधान के अभाव में समस्या बनी हुई है. प्रशासन के सक्रिय रहने के दौरान सड़कें कुछ हद तक अतिक्रमणमुक्त रहती हैं, लेकिन अभियान की रफ्तार धीमी पड़ते ही फिर से अतिक्रमण शुरू हो जाता है. लोगों ने अतिक्रमण के खिलाफ नियमित कार्रवाई के साथ व्यवस्थित वेंडिंग जोन और पार्किंग की व्यवस्था करने की मांग की है.
जाम से जरूरी वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित
शहर में जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है. आए दिन लगने वाले जाम के कारण लोगों को समय की बर्बादी के साथ पेट्रोल-डीजल पर अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता है. लंबे समय तक जाम में फंसे रहने से लोगों को मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ता है.
स्थानीय लोगों के अनुसार बेगूसराय में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के कारण दूर-दराज से मरीज एंबुलेंस के माध्यम से इलाज के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में शहर के अस्पतालों तक एंबुलेंस की सुगम आवाजाही बेहद जरूरी है. एनएच-31 से शहर के अस्पतालों तक पहुंचने के लिए खातोपुर चौक और हरहर महादेव चौक की ओर से भी यातायात की समस्या रहती है. ट्रैफिक चौक से कचहरी चौक की ओर जाने वाला मार्ग अपेक्षाकृत चौड़ा और सुविधाजनक है, लेकिन यह मार्ग भी अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है.
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