बेगूसराय के तेघड़ा में जनगणना 2027 की ड्यूटी को लेकर विवाद, जानें आंगनबाड़ी कर्मियों की तैनाती पर क्यों उठ रहे सवाल ?

बेगूसराय के तेघड़ा प्रखंड में जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. डिस्ट्रिक्ट सेंसस हैंडबुक (DCHB) तैयार करने के कार्य में फील्ड ऑफिसर की नियुक्ति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि जनगणना निदेशालय के दिशा-निर्देशों की अनदेखी की गई है, जिससे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है.

Begusarai Census Controversy : भारत सरकार की जनगणना-2027 को लेकर बेगूसराय के तेघड़ा प्रखंड में एक नया विवाद खड़ा हो गया है. यहां डिस्ट्रिक्ट सेंसस हैंडबुक (DCHB) तैयार करने के कार्य में फील्ड ऑफिसरों की प्रतिनियुक्ति पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. आरोप है कि जनगणना निदेशालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पूरी तरह से अनदेखी की गई है. इस मनमानी के कारण इस अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है.

दिशा-निर्देशों की अनदेखी का लगा आरोप

तेघड़ा प्रखंड में डिस्ट्रिक्ट सेंसस हैंडबुक तैयार करने के लिए फील्ड ऑफिसरों की तैनाती की गई है. लेकिन इस तैनाती को लेकर अब विवाद शुरू हो गया है. आरोप है कि प्रतिनियुक्ति के दौरान जनगणना निदेशालय द्वारा जारी किए गए नियमों का पालन नहीं किया गया है. इससे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ सकता है.

डीसीएचबी दस्तावेज का क्या है महत्व

जानकारों के अनुसार, डीसीएचबी (DCHB) जनगणना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है. इसी प्रामाणिक दस्तावेज के आधार पर भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं, प्रशासनिक निर्णयों, विकास योजनाओं और नीति निर्माण का आधार तैयार किया जाता है. इस कार्य की संवेदनशीलता को देखते हुए ही जनगणना निदेशालय, भारत सरकार ने इसके लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

परिपत्र संख्या-09 में क्या है स्पष्ट प्रावधान

विभागीय जानकारों के अनुसार, जनगणना निदेशालय के परिपत्र संख्या-09 में फील्ड ऑफिसर के चयन को लेकर स्पष्ट नियम बनाए गए हैं. इसमें फील्ड ऑफिसर के रूप में प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों को ही दायित्व सौंपने का प्रावधान किया गया है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित करने, अभिलेखों का सत्यापन करने और सूचनाओं का संकलन प्रभावी ढंग से किया जा सके.

चार्ज पदाधिकारी के फैसले पर उठे सवाल

तेघड़ा चार्ज में वर्तमान चार्ज पदाधिकारी (प्रभारी) सह बीपीआरओ संगीता कुमारी द्वारा जारी आदेश ने इस विवाद को जन्म दिया है. आरोप है कि उन्होंने निदेशालय की मंशा के विपरीत जाकर आदेश जारी किया. उनके द्वारा जारी आदेश में महिला पर्यवेक्षकों, आंगनबाड़ी कर्मियों तथा प्रखंड संसाधन केंद्र में संविदा पर कार्यरत कर्मियों को भी फील्ड ऑफिसर के रूप में प्रतिनियुक्त कर दिया गया है.

प्रशासनिक महकमे में चर्चाओं का बाजार गर्म

नियमों की अनदेखी कर संविदा कर्मियों और आंगनबाड़ी कर्मियों की तैनाती से संबंधित कर्मियों एवं प्रशासनिक महकमों में चर्चा तेज हो गई है. स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि यदि जनगणना निदेशालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप योग्य पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति नहीं की गई, तो डीसीएचबी जैसे महत्वपूर्ण कार्य की गुणवत्ता गिर सकती है. इससे पूरी जनगणना की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है.

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By Niraj Kumar

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