बेगूसराय के गढ़पुरा प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय प्राणपुर(उर्दू) में रविवार को प्रार्थना के दौरान एक छात्रा के साथ विद्यालय के ही कुछ बच्चों द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है.
मारपीट में प्राणपुर वार्ड संख्या 12 निवासी मोहम्मद इकबाल की पुत्री मनतसा खातून गंभीर रूप से घायल हो गई. ग्रामीणों के अनुसार, बच्ची को स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार कराने के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए बेगूसराय भेजा गया, जहां उसकी हालत अभी भी चिंताजनक बताई जा रही है.
प्रार्थना के दौरान अचानक हुई मारपीट
प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों के अनुसार, रविवार को विद्यालय परिसर में प्रार्थना का कार्यक्रम चल रहा था. इसी दौरान किसी बात को लेकर बच्चों के बीच विवाद हुआ और देखते ही देखते कुछ बच्चों ने मनतसा खातून के साथ मारपीट शुरू कर दी.
अचानक हुई इस घटना से विद्यालय परिसर में अफरातफरी मच गई. मारपीट में बच्ची को शरीर के विभिन्न हिस्सों में गंभीर चोटें आईं. बाद में ग्रामीणों और परिजनों की मदद से उसे स्थानीय चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेगूसराय रेफर कर दिया गया.
शिक्षकों की निगरानी पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में विद्यालय प्रबंधन के प्रति नाराजगी है. ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में बच्चों की गतिविधियों पर प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों द्वारा पर्याप्त निगरानी नहीं रखी जाती है.
प्रार्थना जैसे सामूहिक कार्यक्रम के दौरान भी यदि शिक्षक बच्चों पर नजर रखते तो मारपीट की घटना को तत्काल रोका जा सकता था. ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा को लेकर शिक्षकों की जवाबदेही तय करने की मांग की है.
आर्थिक रूप से कमजोर है पीड़ित परिवार
ग्रामीणों ने बताया कि घायल छात्रा के पिता मोहम्मद इकबाल बेहद गरीब परिवार से आते हैं और मूक-बधिर भी हैं. बेटी के गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए बेगूसराय ले जाने और इलाज का खर्च उठाने को लेकर पूरा परिवार चिंतित है.
ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि बच्ची का समुचित इलाज कराया जा सके.
जांच के बाद होगी कार्रवाई : प्रभारी बीईओ
मामले में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सह प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी गोविंद कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी कार्यालय के माध्यम से मिली है. प्रधानाध्यापिका द्वारा घटना की तत्काल लिखित सूचना नहीं दी गई थी.
उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है. जांच में यदि विद्यालय प्रशासन या किसी शिक्षक की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.
