बेगूसराय: बाघा ठाकुरवाड़ी की न्यास समिति को लेकर विवाद, नई समिति ने गिनाये चार माह के विकास कार्य

बेगूसराय के श्रीरामजानकी ठाकुरवारी बाघा न्यास समिति ने मंदिर के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के लिए किए गए महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी दी.

Begusarai News: बेगूसराय. श्रीरामजानकी ठाकुरवारी बाघा के सभागार में चार माह पूर्व गठित ठाकुरवाड़ी न्यास समिति को लेकर उत्पन्न विवाद और समिति द्वारा कराये गये विकास कार्यों को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गयी. समिति के सचिव जितेंद्र कुमार जीबू और सदस्य भाजपा नेता आशुतोष पोद्दार उर्फ हीरा ने समिति के गठन और मंदिर में कराये गये कार्यों की जानकारी दी.

पुरानी समिति पर लगाया लापरवाही आरोप

समिति के पदाधिकारियों ने दावा किया कि मंदिर की पूर्ववर्ती समिति करीब सात वर्षों से कार्यरत थी, लेकिन लंबे समय से मंदिर के विकास और रख-रखाव की दिशा में कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि पुरानी समिति के सदस्यों और भूमाफिया की मिलीभगत से दो लोगों को मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जा करने दिया गया. इसी के बाद स्थानीय श्रद्धालुओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से चार माह पूर्व नयी समिति का गठन किया गया.

चार माह में कराये कई विकास कार्य

नई समिति के अनुसार, गठन के बाद पिछले चार महीनों में मंदिर परिसर में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य कराये गये हैं. इनमें मंदिर का रंग-रोगन, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण समेत अन्य कार्य शामिल हैं. समिति ने दावा किया कि इन कार्यों पर एक लाख रुपये से अधिक खर्च किये गये हैं और जनसहयोग से मंदिर के जीर्णोद्धार का काम आगे बढ़ाया गया है.

रामनवमी में हुआ भव्य आयोजन

प्रेस वार्ता में बताया गया कि इस वर्ष मंदिर परिसर में रामनवमी पूजनोत्सव का भव्य आयोजन किया गया. इसमें जिले के नामचीन कलाकारों ने भजन संध्या की प्रस्तुति दी. वहीं, न्यास बोर्ड के निर्देश पर सत्तूआनी समेत अन्य धार्मिक आयोजनों का भी सफल आयोजन किया गया. समिति के अनुसार, इन आयोजनों से श्रद्धालुओं में मंदिर के प्रति आस्था और उत्साह बढ़ा है.

दस लाख के हिसाब पर उठाये सवाल

समिति के सदस्यों ने बताया कि पूर्व समिति के पास करीब 10 लाख रुपये की राशि होने का दावा किया जाता रहा है, लेकिन इसका स्पष्ट लेखा-जोखा नयी समिति और न्यास बोर्ड को उपलब्ध नहीं कराया गया. उन्होंने कहा कि मंदिर के विकास कार्यों का कुछ लोगों ने विरोध किया, जिसके कारण मामला न्यायालय तक भी पहुंचा. इसके बावजूद समिति ने विधिसम्मत तरीके से विकास कार्य जारी रखे.

नयी समिति गठन पर भी उठाया सवाल

समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि कुछ विकास विरोधी लोगों ने न्यास बोर्ड को बरगलाकर चार माह पूर्व गठित समिति के रहते एक नयी समिति का गठन करा दिया. उनका दावा है कि नयी समिति में पूर्व समिति के सदस्यों और उनकी पत्नी को भी शामिल किया गया है. प्रेस वार्ता में जितेंद्र जीबू, आशुतोष पोद्दार उर्फ हीरा, देवनंदन साह, राम बहादुर महतो, जदयू नेता अनिल पटेल, पंकज भारती समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे.


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By Bipin Kumar Mishra

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